
यूनिक समय, मथुरा। विशेष न्यायाधीश उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एंव समज विरोधी क्रियाकाप (निवारण) अधिनियम/ अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता वर्मा ने गैंगस्टर एक्ट में चार गैंगस्टरों को दोषी मानते हुए दस-दस साल की सजा और पांच- पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक शैलेद्र कुमार गौताम ने बताया कि थाना राया के गांव हरिया गढ़ी के रहने वाले बृजो पुत्र भूपानी ने अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक गैंग बना रखा है। गैंग के सक्रिय सदस्य बृजवीर, मुकटा व ओमवीर है। गैंग धन लाभ के लिए हिंसा लूट हत्या व अपहरण और बलात्कार जैसे अपराध करता है। गैंग का इतना भय है कि उनके खिलाफ कोई भी व्यक्ति गवाही देने की हिम्मत नहीं करता है।
गैंग के खिलाफ हत्या, दुराचार, लूट, अपहरण जैसे संगीन वारदातों के कई मुकदमे दर्ज है। पुलिस ने इनके द्वारा समाज विरोधी क्रियाकलप कारित कर समाज में भय व आतंक पैदा करने पर 26 जून 1999 में पुलिस ने थाना राया में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया निरीक्षक महिपाल सिंह तौमर ने विवेचना करने के बाद सभी के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया।
मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एंव समज विरोधी क्रियाकाप (निवारण) अधिनियम/ अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता वर्मा के न्यायालय में न्यायाधीश ने सभी गैंगस्टरों को गैंगस्टर एक्ट का दोषी मानते हुए उक्त सजा से दंडित किया।
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