Mathura News: ठाकुर बांकेबिहारी महाराज 23 जनवरी को उड़ाएंगे अबीर-गुलाल; ब्रज में शुरू होगा 41 दिवसीय फागोत्सव

Thakur Bankebihari Maharaj will shower abir and gulal on January 23

यूनिक समय, वृन्दावन। ठाकुर बांकेबिहारी महाराज 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर्व पर सुगंधित अबीर – ग़ुलाल उड़ाकर ब्रज मण्डल के विश्व विख्यात 41 दिवसीय फागोत्सव का शुभारम्भ करेंगे। इस मध्य 27 फरवरी को रंगीली एकादशी से 2 मार्च चतुर्दशी तक बांकेबिहारी मंदिर में सरस रंगीली होली का आयोजन होगा।

इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी महाराज ने बताया कि इस बार तीन मार्च ( पूर्णिमा) को चंद्रग्रहण पड़ेगा। इस कारण ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में रंगीलीहोली का समापन एवं होलिका दहन 2 मार्च को चतुर्दशी तिथि की रात्रि में ही हो जाएगा। होलिका दहन के अगले दिन धुलैड़ी पर्व मनाए जाने की पुरातन परम्परा का पालन करते हुए मंदिर में डोलोत्सव होगा।

उन्होंने बताया कि डोलोत्सव में ठाकुरजी गुलाबी पोषाक व बेशकीमती रत्नजडित स्वर्ण आभूषण धारण कर महाराजा स्वरूप में दिव्य दर्शन प्रदान करेंगे। लेकिन 3 मार्च को चंद्रग्रहण होने की वजह से डोल महोत्सव के दर्शन सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर सूतककाल आरम्भ होने से पहले तक तथा शाम को ग्रहण के मोक्षकाल के उपरांत सीमित समय तक ही प्राप्त हो पाएंगे। इसके बाद चैत्रकृष्णा द्वितीया 5 मार्च से बाँकेबिहारी मंदिर में दर्शनवेला की ग्रीष्मकालीन समयसारिणी लागू हो जाएगी। जिससे आराध्य के दर्शन – भोगराग व शयनसेवा का क्रम भी परिवर्तित हो जाएगा।

श्री गोस्वामी बताते हैं कि सरस्वती के जन्मोत्सव माघ शुक्ला पंचमी, जिसे बसन्त पंचमी कहा जाता है, से समस्त मंदिर – देवालयों में भगवान का बसन्तोत्सव प्रारंभ हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि 23 जनवरी बसंतोत्सव से जगप्रसिद्ध ठाकुर बाँकेबिहारी मंदिर में बसंत पंचमी के दिन मदनोत्सव अथवा फागोत्सव के नाम से विश्वविख्यात इस महा महोत्सव का शुभारम्भ सुगंधित अबीर – गुलाल उड़ाकर करेंगे।

सेवायत आचार्य ने बताया कि पर्व पर ठाकुरजी का बसन्ती पोशाक व अलंकारों से श्रृंगार होगा, भगवान के कोमल कपोलों (गालों) पर लाल गुलाल के कुमकुम लगाये जाएंगे और सरसों के फूलों की गुथी हुई माला (गुंजा) चढाई जाएंगी। केसरिया छैना की खीर, अधूटा, मोहनभोग, बादाम – मूंगदाल और सूजी के हलुआ का विशेष भोग धराया जाएगा।

तदुपरांत ब्रजमंडल प्रदेश में आयोजित होने वाली रससिक्त रंगीली होली के विभिन्न मनोहारी सरस समारोह शुरु हो जायेंगे, जो 5 मार्च को बलदेवप्रभु की नगरी दाऊजी के हुरंगा के साथ सम्पन्न होंगे।

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