
यूनिक समय, मथुरा। करवा चौथ का त्योहार भले ही जेल की ऊंची दीवारों से दूर मनाया जाता हो, लेकिन जिला जेल की चारदीवारी में बंद महिला कैदियों के लिए यह दिन खास रहेगा। यहां सजा काट रहीं विवाहित महिला बंदियां शुक्रवार को अपने पतियों की दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत रखेंगी। जेल प्रशासन ने महिलाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए व्रत की अनुमति प्रदान दी है। जेल परिसर में पूजा-अर्चना और चंद्रमा दर्शन के बाद ही महिला बंदी अपना व्रत खोलेगी।
जेल अधीक्षक अंशुमान गर्ग ने बताया कि महिला बंदियों की धार्मिक आस्था को देखते हुए उन्हें करवा चौथ व्रत की अनुमति दी गई है। करवा चौथ के सामान को खजानी संस्था ने महिला कैदियों को करवा, दीपक, सिन्दूर, मेहंदी और थाल सजाने की चीजें मुहैया कराई है। जिला जेल में 36 महिला कैदी करवा चौथ का व्रत करेंगी।
इसमें से 13 महिलाओं के पति भी जेल में बंद है। सांय के वक्त उनकी पत्नियों से मुलाकात कराई जाएगी। महिला कैदी दिनभर वे व्रत रखकर भगवान शिव-पार्वती की आराधना करेंगी और शाम को चांद निकलने पर व्रत खोलेंगी। घर की तरह ही जेल में पूजा कराई जाएगी और चंद्रमा दर्शन के बाद अपना व्रत खोलेगी।
कई बंदियों ने अपने हाथों में मेहंदी रचा ली है और पूजन थाली तैयार कर रही हैं। वे चाहती हैं कि भले ही वे जेल में हैं, लेकिन पति की लंबी उम्र और अपने वैवाहिक बंधन की पवित्रता के लिए व्रत रख रही है।
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