
यूनिक समय, नई दिल्ली। बलदेव स्थित श्री दाऊजी महाराज मंदिर में गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध हुरंगा होली बड़े ही उत्साह और परंपरागत तरीके से मनाई गई। हर साल की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालु इस अनोखी होली को देखने और खेलने के लिए बलदेव पहुंचे। मंदिर परिसर में सुबह से ही रंग, गुलाल, ढोल-नगाड़ों और रसिया गीतों की गूंज सुनाई देने लगी।
हुरंगा शुरू होते ही मंदिर परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल बन गया। हुलियारों ने रसिया गाते चलो रे देखन हुरंगा आज,दाऊजी के द्वारे। ग्वालन लठ ले खड़ीं हँसैं, ग्वाल पड़े बेचारे। ढोल मजीरा बाजत जोर से,
गावत सब रसिया। रंग गुलाल में भीज गई, सारी ब्रज बसिया यह पारंपिरिक रसिया गीत गाते हुए होली खेलनी शुरू की तो लोग भी झूम उठे। ढोल और नगाड़ों की थाप पर गाए जा रहे ब्रज के रसिया गीतों ने पूरे माहौल को रंगीन बना दिया। मंदिर परिसर में चारों ओर गुलाल उड़ता रहा और श्रद्धालु खुशी से एक-दूसरे को रंग लगाते नजर आए। इस अवसर पर महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर हुरंगा होली खेली।
महिलाओं ने हुलियारों पर रंग और गुलाल डाला, वहीं लठामार अंदाज में रसियों और लाठियों के साथ हुरंगा की परंपरा निभाई गई। हुलियारे भी पूरे उत्साह के साथ नाचते-गाते हुए होली खेलते रहे। मंदिर परिसर में मौजूद हजारों लोग इस अनोखे दृश्य का आनंद लेते रहे। ब्रज की इस खास परंपरा को देखने के लिए देश के कई राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी पर्यटक यहां पहुंचे।
श्रद्धालु अपने परिवार के साथ इस ऐतिहासिक उत्सव में शामिल हुए। मंदिर परिसर में रंगों की बौछार, ढोल-नगाड़ों की आवाज और भक्तों की जयकार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। हुरंगा के दौरान पूरा बलदेव क्षेत्र रंग और उत्साह में डूब गया। श्रद्धालु एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की बधाई देते रहे। ब्रज की इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और हुरंगा पर जमकर ठुमके लगाए।
हुरंगा से पहले जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने क्षीर सागर कुंड, मंदिर तक जाने वाली प्रमुख गलियों और मंदिर के प्रवेश व निकास द्वारों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, पेयजल, बैरिकेडिंग और भीड़ व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए, ताकि हुरंगा के दौरान सभी श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
आपको बता दे, बलदेव के श्री दाऊजी महाराज मंदिर में होली के दूसरे दिन हुरंगा खेला जाता है। इसमें महिलाएं और पुरुष रसिया गीतों के बीच रंग और गुलाल के साथ होली खेलते हैं। लठामार अंदाज और ब्रज के पारंपरिक गीत इस उत्सव को खास बनाते हैं। इस अनोखी होली को देखने के लिए हर साल देश-विदेश से हजारों लोग बलदेव आते हैं।
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