
यूनिक समय, मथुरा। मथुरा में यमुना आज रात्रि में खतरे के निशान को छू सकती है। जबकि गुरुवार की सुबह से यमुना का पानी घटने लगेगा। यह संभावना सिंचाई विभाग की ओर से व्यक्त की जा रही है। दिल्ली से लगातार पानी अब कम करके छोड़ा जा रहा है। यदि दिल्ली के ओखला व ताजेवाला बैराज पर पानी का लोड बढ़ा तो वहां से ज्यादा पानी छोड़ा जा सकता है।
आज जनपद के बाढ़ प्रभावित कुछ इलाकों में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने मांट क्षेत्र के विधायक राजेश चौधरी के साथ दौरा करके लोगों का हाल जाना। उन्होंने लोगों से कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। सुरक्षित स्थान पर चले जाएं प्रशासन आपके साथ है। यमुना ने शेरगढ़, नौहझील, मांट, वृंदावन, मथुरा के खादर क्षेत्र में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
अपर खंड आगरा नहर के अधिशासी अभियंता नवीन कुमार ने बताया कि मथुरा के प्रयागघाट पर अपराह्न 3 बजे तक यमुना का जल स्तर 165. 94 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान 166 मीटर से 6 सेमी नीचे था। उन्होंने बताया कि कल दिल्ली की तरफ से छोड़े गए पानी को देखते हुए आज रात्रि में यमुना का पानी मथुरा के प्रयागघाट के खतरे के निशान को छू सकता है।
उन्होंने बताया कि ताजे वाला बैराज से दोपहर में 29811 क्यूसेक एवं ओखला बैराज से 73428 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया, जो कल की तुलना में कम है। उन्होंने बताया कि उन्होंने सिंचाई विभाग के पलवल स्थित अधिकारियों से बात की तो वहां पानी घटने लगा है। वैसे मथुरा में भी कल से पानी घटने लगेगा।
यमुना के पानी ने मांट, नौहझील, वृंदावन और मथुरा के खादर क्षेत्रों की आबादी वाले इलाकों को अपनी चपेट में ले रखा है। प्रशासन ने सभी क्षेत्रों में राहत शिविर और मेडिकल शिविर लोगों की सहायता के लिए खोल दिए हैं।
ये भी पढ़ें: Rekha Gupta Attack: दिल्ली की CM रेखा गुप्ता पर हमला करने वाला निकला गुजरात का ऑटो ड्राइवर
Leave a Reply