
यूनिक समय, नई दिल्ली। यूपी में सोमवार को मानसून ने एक बार फिर गति पकड़ ली है, जिससे पश्चिमी तराई और दक्षिणी इलाकों में अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने एक नए वेदर सिस्टम के कारण अगले तीन-चार दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
भारी बारिश का पूर्वानुमान
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, अमौसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने नए वेदर सिस्टम और ट्रफ लाइन में मजबूती के कारण पूर्वी और पश्चिमी यूपी में मानसून के कारण अच्छी बारिश होगी। खासकर गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और सहारनपुर जैसे जिलों में तेज बारिश का अनुमान है।
सोमवार को सहारनपुर में सबसे ज्यादा 140 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि गोरखपुर में 75.2 मिमी और बलिया में 73.3 मिमी बारिश हुई।
बाढ़ से 37 जिले प्रभावित, राहत कार्य जारी
पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। अधिकारी और मंत्री लगातार इन क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश के 37 जिलों की 95 तहसीलें और 1929 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या 6,95,362 है। 84,777 मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ की वजह से 574 मकानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से 472 लोगों को सहायता राशि दी जा चुकी है। वहीं, प्रदेश में कुल 65,202 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आई है। इन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 2,622 नावों और मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बाढ़ से प्रभावित जिलों में अयोध्या, बहराइच, बाराबंकी, बस्ती, हरदोई, मुरादाबाद, गोरखपुर, गोंडा, लखीमपुर खीरी, आगरा, बलिया और वाराणसी जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं, जहां राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
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