
यूनिक समय, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को एक बड़े हादसे का शिकार होने से बच गए। मंदसौर में उनके हॉट एयर बैलून में उड़ान भरने से ठीक पहले अचानक आग लग गई। हालांकि, वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर तुरंत आग पर काबू पा लिया। सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई।
कैसे हुआ हादसा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव सुबह गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट पहुंचे थे और बोटिंग का आनंद लेने के बाद हॉट एयर बैलून की सवारी करने वाले थे। हॉट एयर बैलून एक्सपर्ट्स के अनुसार, उड़ने के लिए हवा की गति शून्य होनी चाहिए, लेकिन उस समय हवा की रफ्तार 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जिससे बैलून ऊपर नहीं उठ पाया। जब बैलून में हवा भरी जा रही थी, तो वह नीचे की ओर झुक गया और उसके निचले हिस्से में आग लग गई।
जिस समय यह घटना हुई, सीएम बैलून के ठीक नीचे खड़े थे। वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड्स ने तुरंत ट्रॉली को संभाला, जबकि कर्मचारियों ने आग बुझा दी। इस घटना में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन सुरक्षा कारणों से सीएम का हॉट एयर बैलून का सफर रद्द कर दिया गया।
गांधीसागर की तारीफ
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री ने गांधी सागर की खूबसूरती की तारीफ करते हुए कहा कि गांधीसागर महासागर के समान है। यहां प्राकृतिक रूप से भी वन्यजीव संपदा है। मैं रात में यही रुका था और वॉटर एक्टिविटी में शामिल हुआ। पर्यटकों के लिए यह स्वर्ग समान है। विदेश क्यों जाना जब यहीं पर ऐसी धरोहर और स्पॉट हैं।
एयर बैलून विशेषज्ञ ने बताया कि सुबह 6 से 7:30 बजे के बीच हवा की गति लगभग शून्य होती है। हॉट एयर बैलून में हवा की गति शून्य होनी चाहिए, लेकिन जब सीएम उसमें सवार हुए तो गति 15 से 20 किमी प्रति घंटा थी। इस वजह से बैलून ऊपर नहीं जा सका। जब उसमें हवा भरी जा रही थी तो वह नीचे झुक गया। इससे निचले हिस्से में आग लग गई। सीएम ठीक उसके नीचे खड़े थे। इससे सीएम सिक्योरिटी भी सतर्क हो गई और ट्रॉली को पकड़ लिया। उधर, विशेषज्ञों और कर्मचारियों ने आग बुझाई।
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