Nepal Crisis: यूपी के सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

यूपी के सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट

यूनिक समय, नई दिल्ली। नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के बाद भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण यूपी के सीमावर्ती जिलों में तनाव बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल से सटी सीमा पर हाई अलर्ट जारी किया है।

योगी सरकार की कड़ी तैयारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण को नेपाल से सटी पूरी सीमा पर 24 घंटे पुलिस अलर्ट पर रखने का निर्देश दिया है। इसके बाद, बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर और महाराजगंज जैसे यूपी के सीमावर्ती जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गश्त बढ़ाई गई है, सीमा चौकियों को मजबूत किया गया है और त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) को सक्रिय कर दिया गया है। सीमावर्ती इलाकों में निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

फंसे हुए भारतीयों के लिए विशेष कंट्रोल रूम

नेपाल में जारी उथल-पुथल की वजह से बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक (व्यापारी, छात्र, तीर्थयात्री और पर्यटक) फंस गए हैं। इनकी सुरक्षा और वापसी सुनिश्चित करने के लिए यूपी पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है। यह कंट्रोल रूम अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) की देखरेख में 24×7 सक्रिय रहेगा। हेल्पलाइन नंबर और व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं, जिन पर फंसे नागरिक सीधे संपर्क कर सकते हैं।

हेल्पलाइन नंबर: 0522-2390257, 0522-2724010

मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर: 9454401674

इन नंबरों पर प्रशिक्षित टीमें तुरंत संबंधित विभागों से संपर्क कर मदद पहुंचाएंगी।

अफवाहों पर कड़ी निगरानी

स्थिति का फायदा उठाकर अफवाहें न फैलें, इसके लिए यूपी पुलिस मुख्यालय की सोशल मीडिया इकाई को सख्त निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। अधिकारियों को नेपाल से जुड़ी किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाह पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नेपाल में यह हिंसा सोशल मीडिया प्रतिबंध के विरोध में छात्रों और युवाओं द्वारा शुरू की गई थी, लेकिन मंगलवार को इसमें हथियारबंद लोग शामिल हो गए, जिससे स्थिति और भी हिंसक हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्थिरता लंबे समय तक चल सकती है, जिससे भारत के लिए अपनी खुली सीमा को लेकर विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है।

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