
यूनिक समय, नई दिल्ली। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि भारत में 22 लाख स्किल्ड ड्राइवरों की कमी है, जैसा कि वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट में बताया गया है। उन्होंने इस कमी को सड़क दुर्घटनाओं के एक महत्वपूर्ण कारण के रूप में पहचाना और कहा कि सही प्रशिक्षण की कमी से यह समस्या और बढ़ रही है।
नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे से निपटने के लिए 4,500 करोड़ रुपये की योजना शुरू कर रही है, जिसके तहत ड्राइवरों के लिए ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत देशभर में 1600 ट्रेनिंग संस्थान खोले जाएंगे, जो सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित होंगे। इससे 60 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे युवा ड्राइवरों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।
इसके अलावा, गडकरी ने यह भी बताया कि सभी राज्यों से ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र (डीटीसी), क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र (आरडीटीसी) और ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईडीटीआर) के लिए उपयुक्त प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में हर साल लगभग 1.8 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं, और इनमें से कई मौतें अनट्रेंड ड्राइवरों के कारण होती हैं। गडकरी के अनुसार, इन प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए दुर्घटनाओं को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
नितिन गडकरी ने कहा कि भारत के परिवहन क्षेत्र को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, और सड़कों पर यातायात और ढुलाई लागत में 14-16 प्रतिशत वृद्धि हो रही है। इस समस्या का समाधान बेहतर प्रशिक्षण और ड्राइवरों की सही देखभाल के माध्यम से संभव है।
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