
यूनिक समय, नई दिल्ली। वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता और लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता मारिया कोरिना मचाडो को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई है। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान वेनेजुएला के लोगों के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने के उनके अथक और साहसी कार्य के साथ-साथ तानाशाही से लोकतंत्र में न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण संक्रमण प्राप्त करने के उनके दृढ़ संघर्ष के लिए दिया जाएगा। यह घोषणा वेनेजुएला के लोकतंत्र आंदोलन के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है।
लोकतंत्र की बहाली के लिए लंबा संघर्ष
मचाडो दशकों से वेनेजुएला में मानवाधिकारों और राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए संघर्षरत रही हैं। उनका पुरस्कार केवल उनकी व्यक्तिगत बहादुरी को ही नहीं, बल्कि उन लाखों वेनेजुएलावासियों के सामूहिक प्रतिरोध को भी मान्यता देता है जो बुनियादी स्वतंत्रता और न्याय की मांग कर रहे हैं। पुरस्कार समिति ने विशेष रूप से वेनेजुएला की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था के सामने उनकी अडिग दृढ़ता और शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता परिवर्तन की उनकी वकालत को रेखांकित किया।
पुरस्कार समिति के अध्यक्ष ने घोषणा करते हुए कहा, “मारिया कोरिना मचाडो ने लगातार और बिना किसी डर के वेनेजुएला के नागरिक समाज के लिए एक आवाज के रूप में काम किया है। उन्होंने हमेशा शांतिपूर्ण विरोध, संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से समाधान पर जोर दिया है, भले ही उन्हें सरकारी उत्पीड़न और राजनीतिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा हो।”
वैश्विक समुदाय की उम्मीदें
यह पुरस्कार ऐसे समय में आया है जब वेनेजुएला गंभीर राजनीतिक और मानवीय संकट से जूझ रहा है, जिसके कारण लाखों लोग देश छोड़ने पर मजबूर हुए हैं। नोबेल शांति पुरस्कार मचाडो और विपक्षी ताकतों को एक मजबूत नैतिक और अंतर्राष्ट्रीय समर्थन प्रदान करता है। विश्लेषकों का मानना है कि यह वैश्विक समुदाय पर दबाव बढ़ाएगा कि वे वेनेजुएला में न्यायपूर्ण और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करें।
मचाडो ने पुरस्कार की घोषणा के बाद एक बयान में कहा कि यह सम्मान वेनेजुएला के हर नागरिक को समर्पित है जो अपने देश के लिए स्वतंत्रता और गरिमा की मांग करते हुए जोखिम उठा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि उनका अंतिम लक्ष्य वेनेजुएला में तानाशाही को समाप्त करके एक समावेशी और सहभागी लोकतंत्र की स्थापना करना है, जहाँ सभी नागरिक बिना डर के जी सकें। यह पुरस्कार निस्संदेह वेनेजुएला के लोकतंत्र समर्थक आंदोलन में नई ऊर्जा और अंतर्राष्ट्रीय ध्यान केंद्रित करेगा।
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