
यूनिक समय, नई दिल्ली। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से गौतमबुद्धनगर का जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है और हालात की लगातार निगरानी कर रहा है। तहसील सदर के 12 और दादरी के 6, कुल 18 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जिससे लगभग 3700 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से 3396 लोगों को विभिन्न शरणालयों में सुरक्षित ठहराया गया है, जहाँ उनके लिए तीनों समय के भोजन की व्यवस्था की गई है।
शरणालयों में रह रहे लोगों के लिए सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की गई है, जहाँ उन्हें तीनों समय का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। ताकि किसी को भी भोजन की समस्या का सामना न करना पड़े।
बचाव और राहत कार्य
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, आपदा मित्र और होमगार्ड की टीमें तैनात हैं। तहसील सदर के सेक्टर-135 में एसडीआरएफ, नॉलेज पार्क में पीएसी और तहसील दादरी के सेक्टर-128 में अग्निशमन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय हैं। अब तक 592 राहत किट वितरित की जा चुकी हैं।
पशु और स्वास्थ्य सुविधाएं
गौतमबुद्धनगर में 1471 गौवंश को सेक्टर-135 ग्रीन बेल्ट पुश्ता रोड पर बनाए गए पशु शिविर में सुरक्षित रखा गया है। शरणालयों में रह रहे लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग की छह मेडिकल रेस्पॉन्स टीमें एंटी-स्नेक वेनम सहित आवश्यक दवाओं के साथ मौजूद हैं। किसी भी आपात स्थिति के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम के नंबर 0120-2978231, 2978232 और 2978233 जारी किए गए हैं।
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