
यूनिक समय, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज विशाखापत्तनम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने बढ़ते मोटापे को वैश्विक समस्या बताते हुए 2050 तक भारत में लगभग 44 करोड़ लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं, यह अनुमान जताया। उन्होंने इसे एक “बहुत बड़ा और डरावना” आंकड़ा करार दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने योग के महत्व को उजागर करते हुए मोटापे पर काबू पाने के लिए कुछ असरदार सुझाव दिए। उन्होंने अपने आहार में 10% तेल कम करने का चैलेंज दिया, क्योंकि अधिक तेल का सेवन मोटापे का एक प्रमुख कारण बनता है। उनका मानना है कि तेल की खपत में कमी लाना स्वास्थ्य में सुधार के लिए एक प्रभावी कदम हो सकता है।
योग के महत्व को भी उन्होंने नकारा नहीं किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर लचीला बनता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं, और मेटाबोलिज्म को बढ़ावा मिलता है, जिससे कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है। विशेष रूप से सूर्य नमस्कार जैसे योगासन तेजी से कैलोरी जलाने में मदद करते हैं।
योग मानसिक स्थिति को भी बेहतर बनाता है, जिससे व्यक्ति अपनी भूख और तृप्ति के संकेतों को समझकर ओवरईटिंग से बच सकता है और स्वस्थ खानपान की आदतों को अपना सकता है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग तीन लाख लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास भी किया, और देशभर में करोड़ों लोगों ने इस दिन को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर बनाया।
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