
यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्तियों को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध घोषित कर दिया है, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस फैसले के बाद बीजेपी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग की है, जबकि सीपीएम ने राज्य में जल्द से जल्द इन पदों को भरने की बात की है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह न्यायपालिका का पूरी तरह से सम्मान करती हैं, लेकिन इस निर्णय को स्वीकार नहीं कर सकतीं। उन्होंने यह भी कहा कि वह उन लोगों से मिलेंगी जिन्होंने नौकरी खो दी है और उन्हें हिम्मत न हारने की सलाह देंगी।
बीजेपी के नेताओं ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और इस घोटाले की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेनी चाहिए। बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ममता सरकार के तहत बंगाल में बेरोजगार युवाओं की योग्यता को पैसे के बदले बेचा गया।
इसके जवाब में ममता बनर्जी ने बीजेपी पर हमला करते हुए सवाल किया कि क्या वे चाहते हैं कि बंगाल की शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से नष्ट हो जाए? उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पहले ही जेल में हैं, और बीजेपी के नेताओं से यह सवाल किया कि मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले में कितने बीजेपी नेता गिरफ्तार हुए हैं।
यह मामला पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) द्वारा आयोजित 2016 की भर्ती परीक्षा से जुड़ा हुआ है, जिसमें सैकड़ों शिक्षक महीनों से कोलकाता में धरना दे रहे हैं, ताकि न्यायपालिका उनके मामलों के गुण-दोष पर विचार कर उन्हें बहाल करे।
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