
यूनिक समय, नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में तहलका मचाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) अब सॉफ्टवेयर के बाद हार्डवेयर के क्षेत्र में बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चैटजीपीटी बनाने वाली यह कंपनी 2026 की दूसरी छमाही में अपना पहला फिजिकल एआई डिवाइस लॉन्च कर सकती है। इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘स्क्रीनलेस’ होना है, यानी इसमें कोई स्क्रीन नहीं होगी और यह पूरी तरह से वॉयस कमांड और एआई पर आधारित होगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने एपल के पूर्व दिग्गज डिजाइनर जॉनी आइव के साथ हाथ मिलाया है, जिन्होंने कभी आईफोन और आईपैड जैसे क्रांतिकारी प्रोडक्ट्स को डिजाइन किया था।
OpenAI ने इस विजन को हकीकत में बदलने के लिए जॉनी आइव के हार्डवेयर स्टार्टअप ‘आईओ’ (LoveFrom के सहयोगी) के साथ करीब 6.5 अरब डॉलर की बड़ी डील की है। OpenAI के भीतर इस सीक्रेट प्रोजेक्ट को ‘गमड्रॉप’ और ‘स्वीटपी’ जैसे दिलचस्प कोडनेम दिए गए हैं। यह नया डिवाइस पारंपरिक स्मार्टफोन से बिल्कुल अलग होगा और इसका वजन महज 10 से 15 ग्राम के आसपास होने की संभावना है। इसे एक छोटे पॉड, पेन या क्लिप की तरह डिजाइन किया जा रहा है जिसे आसानी से गले में पहना जा सकता है या कपड़ों पर लगाया जा सकेगा। सैम ऑल्टमैन ने इस डिवाइस को ‘शॉकिंगली सिंपल’ यानी चौंकाने वाला सरल बताया है जो जटिल तकनीक को मानवीय स्पर्श के साथ जोड़ देगा।
तकनीकी रूप से यह डिवाइस ‘एम्बिएंट कम्यूटिंग’ के सिद्धांत पर काम करेगा, जिसमें कैमरा और माइक्रोफोन के जरिए यह आपके आसपास के माहौल को समझेगा। उदाहरण के लिए, यह हाथ से लिखे नोट्स को सीधे डिजिटल टेक्स्ट में बदलकर आपके चैटजीपीटी अकाउंट में सिंक कर सकेगा या केवल आपकी आवाज सुनकर जटिल कार्यों को पूरा कर देगा। कंपनी का स्पष्ट मानना है कि यह डिवाइस स्मार्टफोन का विकल्प नहीं बल्कि एक शक्तिशाली सहायक (Assistant) की तरह काम करेगा जो यूजर्स को बार-बार फोन की स्क्रीन देखने की लत से आजादी दिलाएगा। यह मिनिमल डिजाइन और प्राइवेसी पर केंद्रित होगा ताकि तकनीक यूजर के जीवन में बाधा न बने।
इस डिवाइस के उत्पादन के लिए ओपनएआई ने दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर कंपनी फॉक्सकॉन को अपना पार्टनर चुना है। कंपनी अपनी सप्लाई चेन को चीन से बाहर वियतनाम या अमेरिका में शिफ्ट करने की योजना बना रही है ताकि वैश्विक स्तर पर स्थिरता बनी रहे। शुरुआती लक्ष्य 10 करोड़ यूनिट्स के उत्पादन का रखा गया है। 2026 के अंत तक इस डिवाइस का पहला लुक दुनिया के सामने आ सकता है और 2027 तक यह ग्लोबल मार्केट में पूरी तरह उपलब्ध हो सकता है। यह कदम न केवल ओपनएआई के भविष्य को तय करेगा बल्कि यह भी परिभाषित करेगा कि आने वाले समय में मनुष्य और मशीनों के बीच संवाद का तरीका क्या होगा।
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