
यूनिक समय, नई दिल्ली। दक्षिण एशिया में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं। पिछले चार दिनों से जारी सैन्य संघर्ष के बीच अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एक सनसनीखेज घोषणा की है। अफगान वायुसेना ने सीमा पार कर पाकिस्तान के भीतर घुसकर रावलपिंडी और बलूचिस्तान स्थित रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं। इस कार्रवाई ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच के तनाव को एक पूर्ण युद्ध (Full-scale War) की स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है।
नूर खान एयरबेस पर निशाना
अफगान रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अफगान वायुसेना और तालिबानी लड़ाकों ने पाकिस्तान के अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक सैन्य केंद्रों को निशाना बनाते हुए भीषण हमले किए हैं। इन हमलों के तहत रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस पर भारी बमबारी की गई है, जो पाकिस्तान वायुसेना का एक प्रमुख आधार है और जिसे मई 2025 में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी निशाना बनाया गया था।
इसके साथ ही, अफगान सेना ने बलूचिस्तान के क्वेटा में स्थित 12वीं डिवीजन के मुख्यालय पर भी जोरदार प्रहार किया है, जिससे वहां भारी नुकसान की खबरें हैं। तालिबान ने खैबर पख्तूनख्वा की मोहमंद एजेंसी में स्थित ख्वाजाई कैंप को भी निशाना बनाने का दावा किया है, जिससे पाकिस्तान के सैन्य कमांड सेंटरों को गंभीर क्षति पहुँचने की बात कही जा रही है।
32 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत
टोलो न्यूज की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, रात भर चले इस भीषण सैन्य ऑपरेशन में अफगानिस्तान ने पाकिस्तान को भारी जान-माल का नुकसान पहुँचाया है। तालिबान का आधिकारिक दावा है कि इन सटीक हमलों में अब तक 32 पाकिस्तानी सैनिक मारे जा चुके हैं। इस महत्वपूर्ण मिशन को अफगान सेना की 203 मंसूरी, 201 सिलाब और 205 अल-बद्र कॉर्प्स ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया है, जिसके दौरान पाकिस्तान के दो सैन्य ड्रोन मार गिराए गए और उसकी चार सीमावर्ती चौकियां पूरी तरह ध्वस्त कर दी गई हैं।
डिप्टी प्रवक्ता सेदिकुल्लाह नसरत ने जानकारी दी है कि नंगरहार, पक्तिया और कंधार जैसे अशांत क्षेत्रों में दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने के लिए अफगान सेना द्वारा पहली बार लेजर गाइडेड हथियारों और अत्यंत आधुनिक युद्ध उपकरणों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया गया है।
जवाबी कार्रवाई
अफगानिस्तान ने स्पष्ट किया है कि यह हमला पाकिस्तान द्वारा शुक्रवार को काबुल, कंधार और बगराम एयरबेस पर की गई एयरस्ट्राइक का सीधा जवाब है। तालिबान सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान ने दोबारा अफगान हवाई सीमा का उल्लंघन किया, तो परिणाम और भी घातक होंगे। वर्तमान में दोनों देशों की सीमा पर भारी तोपखाने और लड़ाकू विमानों की तैनाती है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।
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