Parliament: कांग्रेस की महिला सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र; ओम बिरला पर लगाए गंभीर आरोप

Congress women MPs have written a letter to Lok Sabha Speaker Om Birla

यूनिक समय, नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में जारी गतिरोध अब एक नए और गंभीर विवाद में तब्दील हो गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा प्रधानमंत्री की सुरक्षा और अप्रत्याशित घटना की आशंका जताए जाने के बाद, कांग्रेस की महिला सांसदों ने मोर्चा खोल दिया है। महिला सांसदों ने स्पीकर को एक पत्र लिखकर उन पर ‘आधारहीन आरोप’ लगाने और सत्तापक्ष के दबाव में काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। सांसदों का कहना है कि वे संवैधानिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही थीं, लेकिन उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।

पत्र की बड़ी बातें:

कांग्रेस की महिला सांसदों ने अपने पत्र में तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा है कि स्पीकर को बिना किसी पार्टी के जुड़ाव के सभी सांसदों की गरिमा की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन उनके हालिया बयान विपक्षी सांसदों, विशेषकर महिलाओं के खिलाफ बेबुनियाद और अपमानजनक हैं।

महिला सांसदों ने लिखा, “हम पहली पीढ़ी की नेता हैं और दशकों के संघर्ष के बाद यहां तक पहुंची हैं। हमारी सत्यनिष्ठा पर सवाल उठाना हर उस महिला का अपमान है जो साहस के साथ राजनीति में अपनी जगह बनाना चाहती है।” पत्र में स्पष्ट किया गया कि प्रधानमंत्री की सीट के पास जाना केवल विरोध का एक तरीका था, जिसे ‘अप्रिय घटना की आशंका’ बताकर पेश करना गलत है।

सांसदों ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को चार दिनों से बोलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि सत्ताधारी दल के सांसदों को पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने की पूरी छूट दी जा रही है।

विवाद की जड़:

विवाद की शुरुआत 5 फरवरी को हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना था। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष की 8-10 महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की सीट को घेर लिया और बैनर लेकर विरोध शुरू कर दिया।

लोकसभा स्पीकर ने सदन में कहा कि उस दिन का माहौल ऐसा था कि कोई भी ‘अप्रिय और अप्रत्याशित घटना’ घट सकती थी। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने खुद प्रधानमंत्री को सदन में आने से रोका और उनका भाषण रद्द करना पड़ा। स्पीकर ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के बिल्कुल विपरीत व्यवहार बताया था।

वर्तमान में लोकसभा की स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। पिछले एक सप्ताह से लगभग कोई कामकाज नहीं हुआ है और करीब 19 घंटे 13 मिनट का कीमती समय हंगामे की भेंट चढ़ चुका है। 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन ने इस आग में घी डालने का काम किया है। विपक्ष अब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है, जबकि सत्तापक्ष विपक्ष पर सदन को बंधक बनाने का आरोप लगा रहा है।

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