
यूनिक समय, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘आर्थिक विकास को सतत बनाए रखना और उसे मजबूत करना’ विषय पर आयोजित पोस्ट-बजट वेबिनार को संबोधित किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिए गए इस संबोधन में पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था की ‘उम्मीद की किरण’ बताते हुए उद्योग जगत के लिए भविष्य का खाका पेश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट 2026 केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
आपूर्ति शृंखला और विनिर्माण पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए देश के विकास के लिए ‘ज्यादा निर्माण, ज्यादा उत्पादन, ज्यादा कनेक्टिविटी और ज्यादा निर्यात’ के चार प्रमुख सूत्रों पर काम करने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान समय में जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएं (सप्लाई चेन) नए सिरे से पुनर्गठित हो रही हैं, तब भारत की तेज आर्थिक प्रगति ही ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक मजबूत नींव का कार्य करेगी।
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई (MSME) जैसे क्षेत्र आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं और इन क्षेत्रों का सुदृढ़ीकरण ही देश के भीतर विकास की नई संभावनाओं और रोजगार के अवसरों को जन्म देगा।
क्वालिटी से कोई समझौता नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर उद्योगपतियों को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि हमें अब केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने तक ही सीमित नहीं रहना है, बल्कि उन्हें पीछे छोड़ते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करनी है।
उन्होंने रेखांकित किया कि भारत ने दुनिया के कई देशों के साथ जो मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं, उनका वास्तविक और पूर्ण लाभ हमें तभी मिल सकेगा जब हमारे उत्पाद वैश्विक उपभोक्ताओं की जरूरतों के अनुकूल और उच्चतम गुणवत्ता वाले होंगे।
इसी संदर्भ में, पीएम मोदी ने उद्योग जगत से यह विशेष अपील की कि वे विदेशों के बाजारों और वहां के उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं का गहराई से अध्ययन करें, ताकि ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो और वे विश्व बाजार में अपनी एक अलग पहचान बना सकें।
सस्टेनेबिलिटी: भविष्य का नया बाजार
पोस्ट-बजट वेबिनार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे बड़े बदलावों का जिक्र करते हुए उद्योगपतियों को ‘सस्टेनेबिलिटी’ (स्थिरता) को अपने व्यवसाय की मूल रणनीति का हिस्सा बनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज के दौर में वैश्विक बाजार केवल उत्पाद की लागत ही नहीं देखते, बल्कि पर्यावरण के प्रति कंपनी की संवेदनशीलता और जवाबदेही को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
इसी दिशा में उन्होंने ‘कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन और स्टोरेज’ (CCUS) मिशन को भारत की एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताया। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि जो उद्योग अभी से स्वच्छ तकनीक (Clean Tech) में निवेश करेंगे, वही भविष्य में नए वैश्विक बाजारों पर अपनी मजबूत पकड़ बना पाएंगे और लंबी अवधि में प्रतिस्पर्धी बने रहेंगे।
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