
यूनिक समय, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने थाईलैंड दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिससे भारत और थाईलैंड के रणनीतिक संबंध और भी प्रगाढ़ हुए। ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के साझा दृष्टिकोण को उजागर करते हुए, पीएम मोदी ने व्यापार, निवेश, पर्यटन, और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस यात्रा ने भारत और थाईलैंड के बीच सदियों पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक साझेदारी को और मजबूत किया है।
अपने दौरे के अंतिम दिन, पीएम मोदी ने पैतोंगटार्न शिनावात्रा की उपस्थिति में भारत और थाईलैंड के बीच कई समझौतों का आदान-प्रदान किया। इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की ‘Act East’ नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हमारे दृष्टिकोण में थाईलैंड का एक महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को अब एक “स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” में तब्दील करने का निर्णय लिया है और सुरक्षा एजेंसियों के बीच रणनीतिक संवाद स्थापित करने की दिशा में चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर-पूर्वी भारत और थाईलैंड के बीच पर्यटन, संस्कृति, और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए भी विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री ने इस यात्रा के अवसर पर थाईलैंड सरकार द्वारा 18वीं शताब्दी की ‘रामायण’ म्यूरल पेंटिंग्स पर आधारित एक विशेष डाक टिकट जारी करने के लिए आभार व्यक्त किया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और थाईलैंड के बीच संबंध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बहुत गहरे हैं। अंत में, पीएम मोदी ने भारत के ASEAN एकता और ASEAN के केंद्रीयता के प्रति अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए कहा कि भारत और थाईलैंड दोनों एक फ्री, ओपन, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत व्यवस्था के समर्थन में हैं।
Leave a Reply