
यूनिक समय, नई दिल्ली। संगम नगरी प्रयागराज के सिविल लाइंस जैसे व्यस्त इलाके में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ट्रेनी विमान तकनीकी खराबी के बाद मेडिकल चौराहे के समीप स्थित केपी कॉलेज के तालाब में जा गिरा। हालांकि, इस बड़ी दुर्घटना में एक सुखद पहलू यह रहा कि स्थानीय नागरिकों की जांबाजी और तत्परता के कारण विमान में सवार दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया।
तालाब की जलकुंभी बनी बचाव में चुनौती
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान अचानक अनियंत्रित होकर केपी कॉलेज परिसर के पास स्थित तालाब में समा गया। तालाब की गहराई हालांकि बहुत ज्यादा नहीं थी, लेकिन पूरी सतह पर सघन जलकुंभी फैली हुई थी। विमान के गिरते ही आसपास मौजूद लोग बिना अपनी जान की परवाह किए तालाब की ओर दौड़ पड़े। विमान का हिस्सा पानी और वनस्पति में फंसा हुआ था, लेकिन स्थानीय युवाओं ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और विमान के केबिन में फंसे दोनों पायलटों को बाहर निकाल लिया।
पायलट सुरक्षित, सेना ने संभाला मोर्चा
राहत की बात यह है कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। जैसे ही ट्रेनी विमान गिरने की खबर फैली, सेना के उच्चाधिकारी और प्रशासनिक अमला भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंच गया। सेना ने पूरे इलाके को अपनी सुरक्षा घेरे में ले लिया है। मौके पर पहुंची भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
जांच के घेरे में तकनीकी खराबी
हादसे की सूचना मिलते ही वायुसेना और उड्डयन विभाग के विशेषज्ञ भी जांच के लिए सक्रिय हो गए हैं। प्रारंभिक तौर पर इसे तकनीकी खराबी माना जा रहा है, लेकिन विमान ने कहां से उड़ान भरी थी और इंजन में क्या समस्या आई, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने उन नागरिकों की सराहना की है जिन्होंने समय रहते पायलटों की जान बचाई, अन्यथा जलकुंभी और पानी के बीच फंसे होने के कारण स्थिति गंभीर हो सकती थी।
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