
यूनिक समय, नई दिल्ली। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के बाद घोषित 1600 करोड़ रुपये के राहत पैकेज को ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ बताया है। चीमा ने पीएम मोदी के इस कदम को पंजाब के प्रति उनकी नफरत का नतीजा बताया।
केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
चीमा ने प्रधानमंत्री के इस दावे का खंडन किया कि पंजाब के पास स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (SDRF) में 12,000 करोड़ रुपये का बकाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के पास ऐसा कोई पैसा नहीं है।
हरपाल चीमा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी किसानों के तीन कृषि कानूनों के विरोध में पंजाबियों की भूमिका के कारण उनसे नफरत करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पीएम को 10-12 दिन की छुट्टी लेकर ध्यान करना चाहिए ताकि उनके मन से पंजाब के प्रति नफरत कम हो।
चीमा ने प्रधानमंत्री द्वारा राज्य के मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया को कथित रूप से अपमानित करने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार के प्रतिनिधियों की अनदेखी करना और अपनी पार्टी के लोगों को प्राथमिकता देना गलत है। उन्होंने कहा कि अगर पीएम को अपनी पार्टी के लोगों से ही बात करनी थी, तो वे उन्हें दिल्ली बुला सकते थे।
‘बाढ़ पर्यटन’ और राहत की तुलना
वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे को ‘बाढ़ पर्यटन’ और राहत पैकेज को बताया ‘ऊंट के मुंह में जीरा’करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस पंजाब ने देश की आजादी और खाद्य सुरक्षा में सबसे बड़ा योगदान दिया, उसे पीएम ने नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि पीएम ने तालिबानी शासन वाले अफगानिस्तान के लिए भी दो दिन में सहायता राशि जारी कर दी थी, लेकिन पंजाब के लिए केवल 1600 करोड़ रुपये दिए, जो बाढ़ से प्रभावित 51 लोगों की मौत और 4 लाख एकड़ से अधिक फसल के नुकसान के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
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