उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, कई जिलों में स्कूल बंद; गंगा चेतावनी रेखा के पार

उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी

यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने आज, बुधवार को पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जिससे मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इसी को देखते हुए देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, चमोली और उत्तरकाशी समेत कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।

भारी बारिश का अलर्ट और मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

ऑरेंज अलर्ट: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर। इन जिलों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

येलो अलर्ट: देहरादून, नैनीताल, चम्पावत और पौड़ी। यहाँ भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक रोहित थपलियाल ने सलाह दी है कि यदि आवश्यक न हो तो पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने से बचें, और नदी-नालों के पास रहने वाले लोग ज़्यादा सतर्क रहें। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में 11 अगस्त तक तेज बारिश जारी रहने की संभावना है।

हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ा, आपदा प्रबंधन सक्रिय

पहाड़ों और मैदान पर एक साथ हो रही मूसलधार बारिश के कारण हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा को पार कर गया। मंगलवार दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 293.30 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी रेखा (293 मीटर) से 30 सेंटीमीटर अधिक था। हालांकि, शाम तक जलस्तर में कुछ कमी आई। गंगा घाटों को खाली करा लिया गया है और निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए हरिद्वार, नैनीताल और उधम सिंह नगर के जिलाधिकारियों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तरकाशी, रुद्रप्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तरकाशी में तबाही और बचाव कार्य

उत्तरकाशी में धराली गाँव में बादल फटने के बाद आई तबाही का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ ही सेकंड में घर, होटल और पेड़ जमींदोज होते दिखाई दे रहे हैं। हर्षिल कैंप के पास बादल फटने के बाद लापता हुए 9 सैनिकों की तलाश जारी है। अब तक 130 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 100 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। बीच-बीच में लगातार आ रहे मलबे और दलदल जैसी स्थिति के कारण राहत और बचाव कार्यों में बाधा आ रही है।

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