
यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के 10 राज्यों में खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनावों (Biennial Elections) का बिगुल फूंक दिया है। इन सीटों पर 16 मार्च 2026 को मतदान होगा और उसी शाम नतीजों की घोषणा भी कर दी जाएगी। अप्रैल 2026 में कार्यकाल पूरा कर रहे दिग्गजों की विदाई के साथ ही उच्च सदन (Permanent House) का समीकरण एक बार फिर बदलने वाला है।
चुनाव का पूरा शेड्यूल
भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा जारी चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, राज्यसभा चुनाव की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न करने के लिए 26 फरवरी 2026 को आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवारों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 निर्धारित की गई है, जिसके अगले दिन यानी 6 मार्च को भरे गए नामांकनों की बारीकी से जांच की जाएगी। जो उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी वापस लेना चाहते हैं, वे 9 मार्च 2026 तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। चुनाव का सबसे महत्वपूर्ण चरण यानी मतदान 16 मार्च 2026 को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चलेगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को त्वरित गति देते हुए उसी दिन शाम 5:00 बजे से मतगणना शुरू कर दी जाएगी।
सीटों का गणित
राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए सीटों का समीकरण काफी दिलचस्प है, जिसमें महाराष्ट्र की 7 सीटों पर सबकी निगाहें टिकी हैं क्योंकि यहाँ से शरद पवार, रामदास अठावले और प्रियंका चतुर्वेदी जैसे दिग्गज चेहरे रिटायर हो रहे हैं। इसी तरह तमिलनाडु की 6 सीटों पर तिरुची सिवा और जी.के. वासन जैसे नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि बिहार की 5 सीटों के लिए उपेन्द्र कुशवाहा और हरिवंश नारायण सिंह जैसे नामों के रिटायर होने से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। पश्चिम बंगाल की 5 सीटों पर साकेत गोखले और सुब्रत बक्शी के कार्यकाल पूरे होने के साथ ही ओडिशा की 4 और असम की 3 सीटों के लिए भी बिसात बिछने लगी है। इसके अतिरिक्त, हरियाणा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की 2-2 सीटों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश की 1 सीट के लिए भी चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है, जहाँ डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी और फूलो देवी नेताम जैसे नेताओं की सीटें खाली हो रही हैं।
राज्यसभा: क्यों खास है यह सदन?
भारतीय संसदीय प्रणाली में राज्यसभा को ‘स्थाई सदन’ कहा जाता है क्योंकि यह कभी भंग नहीं होती। इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में रिटायर होते हैं और उतनी ही सीटों पर चुनाव कराए जाते हैं। 245 सदस्यीय सदन में 233 सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विधायकों द्वारा चुने जाते हैं, जबकि 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।
प्रशासनिक तैयारी
चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी 10 राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को रिटर्निंग ऑफिसर्स (RO) की नियुक्ति के निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के कड़े प्रबंध किए जाएंगे।
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