
यूनिक समय, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के तियानजिन में हैं, जहां उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक परिदृश्य में उथल-पुथल है और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ फैसलों ने अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
पीएम मोदी ने एससीओ बैठक को किया संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ सदस्य देशों के सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेकर खुशी हो रही है। मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग को हमारे भव्य स्वागत के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। आज उज़्बेकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस है, मैं उन्हें भी बधाई देता हूं।
चीन ने की आर्थिक मदद की घोषणा
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने उद्घाटन भाषण में एससीओ के ‘शंघाई भावना’ पर जोर दिया, उन्होंने कहा कि 24 साल पहले, जब इसकी स्थापना हुई थी, तभी से एससीओ ने शंघाई भावना की स्थापना की थी, जो पारस्परिक विश्वास, पारस्परिक लाभ, समानता, परामर्श, सभ्यताओं की विविधता के प्रति सम्मान और साझा विकास की खोज पर आधारित है।
उन्होंने आगे कहा कि हम अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य विश्वास-निर्माण तंत्र स्थापित करने वाले पहले देश थे, जिसने हमारी विस्तृत सीमाओं को मित्रता, पारस्परिक विश्वास और सहयोग के बंधन में बदल दिया। हम आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की तीन शक्तियों के विरुद्ध बहुपक्षीय कार्रवाई करने वाले पहले देश थे। हमने कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग को लगातार बढ़ावा दिया।
इस दौरान, चिनफिंग ने एससीओ के सदस्य देशों को आर्थिक और विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए 281 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ग्रांट देने की भी घोषणा की।
मोदी, पुतिन और चिनफिंग की मुलाकात
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति चिनफिंग एक साथ मंच पर नजर आए। तीनों नेताओं ने गर्मजोशी से मुलाकात की, जिसे एक बड़ी ‘ट्रायो डिप्लोमेसी’ के रूप में देखा जा रहा है। रविवार को पीएम मोदी ने शी चिनफिंग से द्विपक्षीय वार्ता की थी और आज उन्होंने व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की है।
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