
यूनिक समय, नई दिल्ली। लखनऊ में एक खतरनाक रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें उज्बेकिस्तान की दो महिलाएं बिना वैध दस्तावेज़ के भारत में रह रही थीं। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इन महिलाओं की पहचान छुपाने के लिए उनके चेहरे को प्लास्टिक सर्जरी से बदला गया था। इस साजिश में लखनऊ के एक निजी डॉक्टर का हाथ था, जिसने मोटी रकम लेकर यह सर्जरी की थी।
सूचना मिलने पर FRRO (विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय) की टीम ने कार्रवाई करते हुए लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित ओमैक्स सिटी के एक फ्लैट से दोनों महिलाओं को हिरासत में लिया। पूछताछ में पता चला कि ये महिलाएं करीब दो साल पहले बिना पासपोर्ट और वीज़ा के लखनऊ आई थीं और अवैध रूप से यहां रह रही थीं।
इनकी पहचान छुपाने के लिए लखनऊ के डॉक्टर विवेक गुप्ता ने प्लास्टिक सर्जरी की थी, और यह सर्जरी त्रिजिन राज (जिसे अर्जुन राणा भी कहा जाता है) नामक एक दलाल के आदेश पर की गई थी।
FRRO की जांच के बाद, डॉक्टर विवेक गुप्ता और त्रिजिन राज के खिलाफ विदेशी अधिनियम की धाराओं में FIR दर्ज की गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को शक है कि यह रैकेट ह्यूमन ट्रैफिकिंग, सेक्स रैकेट और अवैध नागरिकता से जुड़ा हो सकता है।
अब FRRO की टीम पूरी तरह से मामले की गहराई में जा रही है और रैकेट से जुड़े अन्य तारों को खंगालने में लगी हुई है। इस समय दोनों महिलाओं से गहन पूछताछ की जा रही है।
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