श्यामा श्याम की सलोनी, सूरत पै श्रृंगार बसंती है, लाडली जी मन्दिर में गढ़ा लठामार होली का डाढ़ा

यूनिक समय, बरसाना (मथुरा)। ललित लवंग लता परि शीलन कोमल मलय समीरे, मधुकर निकर कंरवित कोकिल कूजित कुटीरै,, के पदों के साथ ब्रज की अनूठी व दिव्य प्रेम की रसभरी होली का शुभारम्भ बृषभान नन्दनी के चरणों में गुलाल अर्पित करके हो गया। विश्व प्रसिद्ध लाडली मन्दिर में सेवायत गोस्वामीजनों द्वारा होली के प्रतीक के रूप में डाढ़ा गाढ़ा गया। बसंती फूलों के बगले में विराजमान होकर श्यामा प्यारी ने अपने श्यामसुन्दर के साथ बसंती वस्त्र धारण करके अपने भक्तों पर कृपा का सागर बरसाया। इस मौके पर प्रिया प्रियतम को बसंती छप्पन भोग भी लगाया गया। फिर गोस्वामी समाज द्वारा संयुक्त रूप से होली के पदों का गुणगान करते हुए एक दूसरे को गुलाल लगाते हुए ब्रज में फागमहोत्सव की शुरूआत की।

श्रीजी मंदिर बसंती रंग में रंगा नजर आ रहा था, तो वहीं श्रद्धालु भी बसंत के रंग में रंगने को आतुर हो रहे थे। कस्बे में सुबह से ही श्रद्वालुओं का हुजूम उमड़े लगा था। सभी अपनी आराध्य शक्ति राधा रानी के दर्शनों को उतावले नजर आ रहे थे। शाम को करीब साढ़े पांच बजे लाडली जी मन्दिर में सेवायत गोस्वामीयों द्वारा राधा जी के मुकुट व चुदंरी से सजे ध्वज रूपी (डाढ़े) को गर्भ गृह में विधि विधान से पूजकर रोपा गया। फिर जगमोहन में बने बसंती फूल बगले में राधाकृष्ण के श्रीविग्रह को बसंती वस्त्र धारण कराकर विराजमान कर उनके श्रीचरणों में गुलाल अर्पित किया। पूरा मन्दिर परिसर राधारानी के जयघोषों से गूंज रहा था। सेवायत नत्थो गोस्वामी ने बताया कि लठमार होली की प्रथम चौपाई महाशिव रात्रि व द्वितीय चौपाई लड्डू होली के दिन लाडली जी मन्दिर से लेकर रंगेश्वर महादेव तक निकाली जायेगी। 22 मार्च को लड्डू होली, 23 मार्च को बरसाना की लठामार होली, 24 मार्च को नन्दगांव की लठामार होली खेली जाएगी।

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