Stock Market: लाल निशान पर शेयर बाजार; एशियाई मंदी और एक्सपायरी के दबाव ने सेंसेक्स-निफ्टी को तोड़ा

लाल निशान पर शेयर बाजार

यूनिक समय, नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और आज हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन भी बाजार की शुरुआत काफी निराशाजनक रही। वैश्विक बाजारों, विशेषकर एशियाई बाजारों में छाई मंदी का सीधा असर घरेलू निवेशकों के सेंटिमेंट पर दिखाई दिया, जिसके चलते बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 41 अंकों की गिरावट के साथ 84,518 के स्तर पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 53 अंक लुढ़ककर 25,765 के निचले स्तर पर पहुंच गया।

बाजार में मची इस हलचल के पीछे आज होने वाली सेंसेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है, जिससे निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। गौरतलब है कि इससे पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था, जहाँ निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही मामूली टूटकर बंद हुए थे।

बाजार के आंतरिक रुझानों को देखें तो ऑटो, फार्मा और रियल्टी जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर आज सबसे अधिक दबाव में नजर आ रहे हैं, जिनमें निफ्टी ऑटो और निफ्टी फार्मा में एक प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। सनफार्मा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी और टाटा स्टील जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली का दौर हावी है।

इसके विपरीत, आईटी सेक्टर आज बाजार के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और टीसीएस जैसी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के कारण निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 0.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। इसके अलावा पीएसयू बैंक इंडेक्स और एसबीआई जैसे शेयरों में भी कुछ सुधार देखा गया है, जो बाजार को बहुत निचले स्तर पर जाने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

ग्लोबल मार्केट की स्थिति भी भारतीय बाजार के लिए अनुकूल नहीं है, क्योंकि बीते दिन अमेरिकी शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई थी। नैस्डैक कम्पोजिट में 1.81 प्रतिशत की बड़ी गिरावट और डॉव जोन्स व एसएंडपी 500 के लाल निशान में बंद होने ने वैश्विक स्तर पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। इसी का परिणाम है कि आज सुबह खुलते ही जापान का निक्केई 1.53 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.36 प्रतिशत और ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 इंडेक्स भी गिरावट के साथ ट्रेड करते दिखे। ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स भी मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जो यह दर्शाता है कि छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशक अभी सावधानी बरत रहे हैं।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, जब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली नहीं रुकती और ग्लोबल सेंटिमेंट में सुधार नहीं होता, तब तक घरेलू बाजार में दबाव बना रह सकता है। आज की एक्सपायरी के कारण ट्रेडर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

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