
यूनिक समय, नई दिल्ली। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक बयान देने पर मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट की तीखी फटकार का सामना करना पड़ा। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने उनकी ओर से मांगी गई माफी को खारिज करते हुए इसे “मगरमच्छ के आंसू” करार दिया।
जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि विजय शाह ने मंच से बेहद आपत्तिजनक और अस्वीकार्य भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल कार्रवाई से बचने के लिए की गई औपचारिक माफी लगती है, जिसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वीडियो मंगवाया गया है ताकि यह देखा जा सके कि मंत्री ने माफी किस रूप में मांगी है। जस्टिस सूर्यकांत ने दो टूक कहा, “ऐसी माफी हमें स्वीकार नहीं। यह एक गंभीर मामला है, क्योंकि इससे देश की सेना और सार्वजनिक भावनाओं का अपमान हुआ है।”
मंत्री के वकील ने दलील दी कि विजय शाह ने पहले ही माफी का वीडियो जारी किया है और सुप्रीम कोर्ट में भी खेद जताया है। लेकिन कोर्ट का कहना था कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें जिम्मेदारी और शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “आपने माफी मांगी, लेकिन क्या यह माफी दिल से थी? या सिर्फ कानूनी परिणामों से बचने के लिए? आप सार्वजनिक जीवन में हैं, आपके आचरण और भाषा से समाज प्रभावित होता है।”
सुनवाई के अंत में जब विजय शाह ने पुनः “दिल से माफी” मांगी, तो कोर्ट ने उसे भी अस्वीकार कर दिया और कहा कि अब उनके वकील को कानूनी दलीलें पेश करनी होंगी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि मंत्री का आचरण आदर्श और मर्यादित होना चाहिए, क्योंकि उनके शब्दों का असर पूरे देश पर पड़ता है।
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