
यूनिक समय, नई दिल्ली। क्रिकेट जगत में पिछले कुछ हफ्तों से बांग्लादेशी टीम और T20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर मचे घमासान के बीच एक ऐसी खबर आई है, जिसने निराश फैंस के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। जहाँ मुस्तफिजुर रहमान विवाद के चलते बांग्लादेश की मेंस टीम ने भारत में होने वाले वर्ल्ड कप का बहिष्कार कर दिया है, वहीं बांग्लादेश की महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वूमेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालिफाई कर लिया है।
मेंस टीम का बहिष्कार
साल 2026 की शुरुआत एक बड़े विवाद से हुई जब बीसीसीआई (BCCI) के सुझाव पर KKR ने मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज किया। इससे नाराज होकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अपनी मेंस टीम को भारत भेजने से मना कर दिया। आईसीसी (ICC) की तमाम कोशिशों के बावजूद जब बात नहीं बनी, तो मजबूरन स्कॉटलैंड को बांग्लादेश की जगह मेंस वर्ल्ड कप में शामिल किया गया।
वूमेन्स टीम ने रचा इतिहास
मेंस टीम के विवादों के बीच बांग्लादेशी महिलाओं ने मैदान पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। सुपर-6 मुकाबले में बांग्लादेश ने थाईलैंड को 39 रनों से शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही बांग्लादेश ने इंग्लैंड और वेल्स में जून में होने वाले वूमेन्स T20 वर्ल्ड कप के लिए अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है। मेंस वर्ल्ड कप के बहिष्कार से दुखी फैंस अब अपनी महिला टीम को वर्ल्ड कप के मंच पर चियर कर सकेंगे।
नीदरलैंड का ऐतिहासिक डेब्यू
बांग्लादेश के साथ-साथ नीदरलैंड की महिला टीम ने भी इतिहास रच दिया है। डच टीम ने पहली बार महिला T20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है, जो इस टूर्नामेंट को और भी रोमांचक बनाएगा।
इंग्लैंड और वेल्स की मेजबानी में 12 जून से 5 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाला यह मेगा इवेंट क्रिकेट जगत के लिए अत्यंत खास होगा, क्योंकि इसमें कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी। वर्तमान में रैंकिंग और क्वालिफायर के आधार पर 10 टीमों के नाम तय हो चुके हैं, जबकि शेष 2 अंतिम स्थानों के लिए अभी भी जंग जारी है। जहाँ एक ओर कूटनीतिक विवादों ने बांग्लादेशी मेंस क्रिकेट को बड़ा नुकसान पहुँचाया है, वहीं दूसरी ओर उनकी महिला टीम ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर यह साबित कर दिया है कि खेल की असली भावना और जुनून हमेशा मैदान पर ही जीता जाता है।
नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Leave a Reply