
यूनिक समय, नई दिल्ली। ओपनएआई द्वारा गुपचुप तरीके से ‘ChatGPT Translate’ टूल लॉन्च किए जाने के तुरंत बाद गूगल ने अपना ब्रह्मास्त्र TranslateGemma पेश कर दिया है। गूगल का यह नया एआई टूल कंपनी के अत्याधुनिक Gemma3 आर्किटेक्चर पर आधारित है, जो न केवल टेक्स्ट बल्कि इमेज और विजुअल प्रोजेक्ट्स के कंटेंट को भी पलक झपकते ही दूसरी भाषा में बदल सकता है। यह मुकाबला इसलिए दिलचस्प है क्योंकि जहाँ ओपनएआई का टूल 50 भाषाओं का समर्थन करता है, वहीं गूगल ने 55 भाषाओं के साथ बढ़त बना ली है।
गूगल का TranslateGemma पारंपरिक ट्रांसलेशन टूल्स से कहीं अधिक उन्नत और सटीक है क्योंकि इसे हाई-क्वालिटी ह्यूमन ट्रांसलेशन और विशाल सिंथेटिक डेटा सेट पर प्रशिक्षित किया गया है। शोधकर्ताओं और डेवलपर्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे तीन अलग-अलग पैरामीटर्स (4B, 12B और 27B) में पेश किया गया है, जिससे कंपनियों के लिए अपनी विशिष्ट जरूरतों के अनुसार भाषा परिवर्तन करना आसान हो गया है।
इस टूल की सबसे बड़ी खूबी इसका ‘ईजी-टू-यूज’ होना है, जो डेवलपर्स को इसे आसानी से डाउनलोड करने और अपने मौजूदा मॉडल्स में एकीकृत करने की सुविधा देता है। भविष्य में गूगल की योजना इसमें 500 से अधिक भाषाओं का सपोर्ट देने की है, जो इसे वैश्विक स्तर पर भाषा की बाधाओं को खत्म करने वाला सबसे शक्तिशाली उपकरण बना सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गूगल ने इस नए टूल को अपने प्रमुख एआई चैटबॉट जेमिनी (Gemini) के साथ पूरी तरह एकीकृत कर दिया है। इसके चलते यूजर्स अब ऑन-डिवाइस ही मल्टी-लिंगुअल एआई फीचर्स का लाभ उठा सकेंगे। चाहे जटिल दस्तावेजों का अनुवाद हो या विजुअल प्रोजेक्ट्स का भाषाई रूपांतरण, TranslateGemma मानवीय गलतियों को न्यूनतम करते हुए उच्चतम स्तर की सटीकता प्रदान करता है।
जेमिनी के साथ इसके जुड़ाव ने ओपनएआई के सामने कड़ी चुनौती पेश कर दी है, क्योंकि अब यूजर्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर चैटबॉट और वर्ल्ड-क्लास ट्रांसलेटर दोनों की सुविधाएं मिल रही हैं। एआई की यह नई वॉर अब केवल डेटा जनरेशन तक सीमित नहीं रही, बल्कि वैश्विक संचार को और अधिक सुगम बनाने की दिशा में मुड़ गई है।
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