
यूनिक समय, नई दिल्ली। राज्यसभा में शुक्रवार को राणा सांगा पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा की गई विवादित टिप्पणी पर तीखी बहस हुई, जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सुमन के बयान के विरोध में सत्ता पक्ष के सदस्य विरोध में उठ खड़े हुए और हंगामा शुरू हो गया, जिससे सभापति जगदीप धनखड़ ने कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
सपाकर्मियों का आरोप था कि राणा सांगा, जिन्हें भारतीय इतिहास में एक वीर योद्धा के रूप में सम्मानित किया जाता है, पर सुमन का बयान अमर्यादित था। सभापति ने कहा कि यह टिप्पणी सदन में स्वीकार्य नहीं है और इसे कार्यवाही से हटा दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सुमन के बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह टिप्पणी भारतीय जनभावनाओं के खिलाफ है। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे राणा सांगा के सम्मान की बात से सहमत हैं, लेकिन यह भी जरूरी है कि सुमन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और हमलों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाएं।
बीजेपी सांसद राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि सुमन ने अपनी टिप्पणी को वापस नहीं लिया और उन्होंने इसे अपने जीवन भर तक कायम रखने की बात की। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस विवादित टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि यह भारतीय वीरों का अपमान है।
यह विवाद तब शुरू हुआ था जब 21 मार्च को राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर बहस के दौरान रामजी लाल सुमन ने राणा सांगा पर एक विवादित बयान दिया था।
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