
यूनिक समय, नई दिल्ली। केंद्र सरकार आज यानी बुधवार, 20 अगस्त को लोकसभा में तीन अहम बिल पेश करने जा रही है। इन बिलों का मुख्य उद्देश्य गंभीर आपराधिक मामलों में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री को पद से हटाने के लिए कानूनी ढाँचा तैयार करना है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इन तीनों बिलों का प्रस्ताव संसद में पेश करेंगे।
इन तीन अहम बिलों के तहत, अगर किसी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री को गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया जाता है और 5 साल या उससे अधिक की जेल होती है, तो उसे गिरफ्तारी के 31वें दिन पद से हटाया जा सकेगा।
तीनों अहम बिलों के बारे में विस्तार से जानें:
गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज (संशोधन) बिल 2025: इस बिल का मकसद केंद्र शासित प्रदेशों में गंभीर आपराधिक आरोपों के चलते गिरफ्तार किए गए मुख्यमंत्री या मंत्री को हटाने का कानूनी प्रावधान बनाना है। अभी तक, गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज एक्ट, 1963 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था।
130वां संविधान संशोधन बिल 2025: यह बिल संविधान में संशोधन करके प्रधानमंत्री या केंद्रीय मंत्रिपरिषद के मंत्री, और राज्यों या दिल्ली के मुख्यमंत्री या मंत्री को पद से हटाने का कानूनी ढाँचा तैयार करेगा। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 75, 164 और 239AA में बदलाव किए जाएंगे।
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2025: यह बिल जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 में संशोधन करेगा। इसके बाद गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए मुख्यमंत्री या मंत्री को 30 दिन में पद से हटाया जा सकेगा। वर्तमान अधिनियम में भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं था।
तीन अहम बिल के अलावा, आज ही केंद्र सरकार लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने वाला एक बिल भी पेश कर सकती है। इस बिल में ऑनलाइन मनी गेमिंग, विज्ञापन और गेम खेलने के लिए उकसाने वालों के लिए तीन साल तक की कैद या 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
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