
यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिका की एक संघीय अपील अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए उनके प्रशासन द्वारा लगाए गए अधिकांश आयात शुल्क (टैरिफ) को अवैध करार दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया कि डोनाल्ड ट्रंप के ज़्यादातर नए टैरिफ़ अवैध हैं। अदालत ने कहा है कि 1977 के एक कानून और अमेरिकी संविधान के तहत व्यापक टैरिफ को सही ठहराने के लिए आर्थिक आपातकाल की उनकी घोषणा कानूनी रूप से गलत थी।
टैरिफ को अवैध ठहराया
अदालत ने फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति के पास छोटे, क्षेत्रीय शुल्क लगाने का कानूनी अधिकार है, लेकिन अप्रैल में घोषित किए गए वैश्विक शुल्कों के साथ उन्होंने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया। कोर्ट के इस फैसले को ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी हार माना जा रहा है, और माना जा रहा है कि वे इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं।
ट्रंप ने फैसले पर दी तीखी प्रतिक्रिया
अदालत के फैसले के तुरंत बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान जारी कर इसे ‘पक्षपातपूर्ण’ और ‘गलत’ बताया। उन्होंने कहा कि सभी शुल्क अभी भी लागू रहेंगे और यह फैसला देश के लिए पूरी तरह से विनाशकारी होगा, जो अमेरिका को आर्थिक रूप से कमजोर कर देगा। ट्रंप ने कहा कि अंत में संयुक्त राज्य अमेरिका की जीत होगी, भले ही अदालत ने इस तरह का निर्णय लिया हो।
अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी एक संघीय अपील अदालत द्वारा यह फैसला सुनाए जाने के बाद आई है कि अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम किसी राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता, जैसा कि ट्रंप ने इस साल की शुरुआत में इस कानून का इस्तेमाल किया था। न्यायाधीशों ने कहा कि ट्रंप द्वारा लगाए गए अभूतपूर्व टैरिफ उनकी शक्ति का अतिक्रमण हैं क्योंकि टैरिफ सहित कर लगाने की क्षमता कांग्रेस की एक प्रमुख शक्ति है।
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