
यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका ईरान को उसकी सिविल न्यूक्लियर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 20 से 30 बिलियन डॉलर की मदद करेगा और ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों में भी राहत दी जा सकती है। यह घोषणा ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष के बाद आई है, जबकि इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपने देश की स्थिति स्पष्ट की है।
काट्ज ने मीडिया को बताया कि इजरायल को नहीं पता कि ईरान के यूरेनियम भंडार की स्थिति क्या है, लेकिन अगर ज़रूरत पड़ी तो इजरायल एक बार फिर ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उनका कहना था कि इजरायल ईरान को परमाणु हथियारों और लंबी दूरी की मिसाइलों के विकास की अनुमति नहीं देगा।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इजरायल को ईरान के सभी एनरिच्ड यूरेनियम की जगहों का ज्ञान नहीं है, लेकिन उनके अनुसार, इजरायल ने सैन्य हमलों के द्वारा ईरान की संवर्द्धन क्षमता को खासा नुकसान पहुँचाया है। काट्ज ने यह भी कहा कि इजरायल का लक्ष्य ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को खत्म करना था, हालांकि, वह ऐसा करने का कोई अवसर नहीं पा सके।
इस बीच, ट्रंप प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि अमेरिका ईरान को न्यूक्लियर परियोजनाओं के लिए सीधे पैसे नहीं देगा, बल्कि यह वित्तीय मदद अपने अरब सहयोगियों के माध्यम से ईरान तक पहुँचाई जाएगी।
इस चर्चा के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की सुरक्षा को लेकर एक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि खामेनेई को निशाना बनाने का विचार था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से फिलहाल परहेज किया।
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