
यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ होने वाली वार्ता से पहले एक कड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अगर पुतिन युद्ध रोकने पर सहमत नहीं हुए, तो उन्हें इसके “बहुत गंभीर परिणाम” भुगतने होंगे।
मैक्रों ने की ट्रंप के इरादों की पुष्टि
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को यूरोपीय नेताओं के साथ हुई एक ऑनलाइन बैठक में बताया कि ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अलास्का शिखर सम्मेलन में यूक्रेन संघर्ष के लिए एक संघर्ष विराम समझौता चाहता है। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि वह मुलाकात के पहले दो मिनट में ही पता लगा लेंगे कि कोई समझौता संभव है या नहीं।
जेलेंस्की ने बताया रूस का मकसद
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि पुतिन इस बैठक से पहले दुनिया को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। जेलेंस्की के अनुसार, पुतिन यूक्रेन के सभी मोर्चों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि यह दिखाया जा सके कि रूस पूरे यूक्रेन पर कब्ज़ा कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘पुतिन प्रतिबंधों के बारे में भी गुमराह रहे हैं, ऐसा लग रहा है, जैसे उनके लिए इनका (प्रतिबंधों) कोई मतलब ही नहीं है और ना ही इनका उन पर (रूस पर) कुछ असर पड़ने वाला है। जबकि, हकीकत तो यह है कि प्रतिबंध बहुत मददगार हैं और यह रूस की अर्थव्यवस्था पर भारी असर डाल रहे हैं, जिससे वह युद्ध में कमजोर पड़ सकता है।’’
इससे पहले जेलेंस्की ने कहा था कि रूस संघर्ष विराम के बदले में यूक्रेन से डोनेत्स्क क्षेत्र के बचे हुए हिस्से से पीछे हटने की मांग कर रहा है। ट्रंप ने भी पहले इस युद्ध के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को जिम्मेदार ठहराया था और दावा किया था कि अगर वह राष्ट्रपति होते तो यह संघर्ष कभी नहीं होता।
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