
यूनिक समय, मथुरा। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोवर्धन में एक प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए कल दो भव्य मुड़िया शोभायात्रा निकाली जाएंगी। यह आयोजन श्रीपाद सनातन गोस्वामी की स्मृति में किया जाता है, जिसकी शुरुआत उनके देहावसान के बाद वर्ष 1556 में हुई थी।
गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के संत और साधु इस परंपरा के अनुसार हर वर्ष आषाढ़ पूर्णिमा से पहले सिर मुंडवाते हैं और फिर हरिनाम संकीर्तन के साथ शोभायात्रा में भाग लेते हैं। बुधवार को इसी परंपरा का पालन करते हुए साधु-संतों ने मुंडन संस्कार करवाया।
कल, गुरु पूर्णिमा पर सुबह और शाम दो अलग-अलग शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। पहली यात्रा राधा श्याम सुंदर मंदिर से सुबह 10 बजे के बाद प्रारंभ होगी, जबकि दूसरी यात्रा चकलेश्वर स्थित चैतन्य महाप्रभु मंदिर से शाम 4 बजे शुरू होगी।
इन मुड़िया शोभायात्रा के माध्यम से श्रद्धालु श्रीपाद सनातन गोस्वामी को अपनी भक्ति और आदर अर्पित करेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक भावना से जुड़ा है, बल्कि ब्रज की सांस्कृतिक विरासत का भी जीवंत उदाहरण है।
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