
यूनिक समय, नई दिल्ली। उदयपुर के पैसिफिक डेंटल कॉलेज में बीडीएस अंतिम वर्ष की एक छात्रा ने गुरुवार देर रात अपने हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान जम्मू निवासी श्वेता सिंह के रूप में हुई है, जिसने एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें उसने कॉलेज स्टाफ पर मानसिक उत्पीड़न और शैक्षणिक कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लगाए हैं।
यह घटना भीलों का बेदला स्थित पैसिफिक डेंटल कॉलेज में हुई, जहां श्वेता को रात करीब 11 बजे उसकी रूममेट ने फंदे से लटका हुआ पाया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। श्वेता के सुसाइड नोट में कॉलेज के दो संकाय सदस्यों – माही मैम और भागवत सर – का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। श्वेता ने उन पर दो साल से अधिक समय से लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
छात्रों का विरोध प्रदर्शन और गंभीर आरोप
श्वेता की आत्महत्या की खबर फैलते ही शुक्रवार सुबह कॉलेज के छात्र आक्रोशित हो उठे और परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन के अत्यधिक दबाव, परीक्षाओं में देरी और मानसिक उत्पीड़न के कारण श्वेता ने यह भयावह कदम उठाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कॉलेज प्रशासन अब उन पर विरोध प्रदर्शन समाप्त करने का दबाव बना रहा है। सूचना मिलने पर सुखेर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।
सुसाइड नोट में शैक्षणिक अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का आरोप
श्वेता के सुसाइड नोट में कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उसने परीक्षाओं में अत्यधिक देरी और अपनी डिग्री पूरी होने की अनिश्चितता पर गहरी निराशा व्यक्त की। श्वेता ने लिखा कि उसके बैचमेट्स को इंटर्नशिप करते हुए कई महीने हो चुके हैं, जबकि वे अभी भी अंतिम वर्ष में फंसे हुए हैं। उसने यह भी बताया कि उसे अंतिम वर्ष की छात्रा होने के बावजूद जूनियर छात्रों के साथ आंतरिक परीक्षा देने के लिए मजबूर किया गया।
सबसे चौंकाने वाले आरोपों में से एक यह है कि श्वेता ने कॉलेज पर उन छात्रों को पास करने का आरोप लगाया, जो कभी कक्षाओं में उपस्थित ही नहीं हुए। उसने लिखा, “उन्होंने मेरा करियर बर्बाद कर दिया। मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती। वे पैसों के लिए बच्चों को प्रताड़ित करते हैं। अगर पैसे दोगे तो पास हो जाओगे। नहीं दोगे तो खून चूस लेंगे।”
श्वेता ने अपने नोट में न्याय की भी गुहार लगाई है: “अगर भारत में न्याय है, तो कृपया सुनिश्चित करें कि भागवत सर को हमेशा के लिए जेल भेज दिया जाए। उन्हें भी वही यातनाएं झेलनी चाहिए जो वे छात्रों पर ढाते हैं।”
पुलिस की जांच जारी
श्वेता सिंह एक पुलिस कांस्टेबल की इकलौती बेटी थीं। उनकी असामयिक मृत्यु से उनका परिवार और साथी सदमे में हैं। फिलहाल, पुलिस ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी है और उम्मीद है कि जल्द ही संकाय सदस्यों से पूछताछ की जाएगी और कॉलेज के प्रशासनिक रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों ने अभी तक किसी भी औपचारिक आरोप की पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि संस्थागत लापरवाही सहित सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी।
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