
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किए गए ₹9,12,696 करोड़ के इस भारी-भरकम बजट में युवाओं, महिलाओं और किसानों को केंद्र में रखा गया है। पिछले वर्ष की तुलना में बजट के आकार में 12% की वृद्धि की गई है, जो राज्य की तीव्र आर्थिक प्रगति को दर्शाता है।
युवाओं और रोजगार पर ‘मिशन मोड’ में फोकस
योगी सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल संवर्धन को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है। बजट में वित्त मंत्री ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि निवेश और औद्योगिक विकास के माध्यम से प्रदेश के लगभग 10 लाख युवाओं को रोजगार के नए और बेहतर अवसर प्रदान किए जाएंगे। शिक्षा के साथ-साथ युवाओं के कौशल को निखारने के लिए मौजूदा प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता में विस्तार किया जाएगा और साथ ही नए केंद्रों की स्थापना भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए एक नई ‘डिजिटल इन्टरप्रन्योरशिप योजना’ पर कार्य किया जाएगा ताकि वे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें। युवाओं के करियर को सही दिशा देने के लिए विभिन्न जनपदों में पीपीपी मोड के आधार पर विशेष कौशल संवर्द्धन और जॉब प्लेसमेंट केंद्रों की स्थापना की जाएगी, जिससे कार्यबल को सीधे उद्योगों की जरूरतों से जोड़ा जा सके।
महिला सशक्तिकरण और कल्याणकारी कदम
योगी सरकार ने प्रदेश की आधी आबादी को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए इस बजट में कई दूरगामी और विशेष प्रावधान किए हैं। गरीब परिवारों की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शादी अनुदान योजना में ऐतिहासिक वृद्धि की है, जिसके तहत अब लड़कियों की शादी के लिए एक लाख रुपये की महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें कौशल के नए अवसर देने के लिए प्रदेश भर में विशेष और पृथक प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की जाएगी, जिससे महिला कार्यबल को एक नई पहचान और मजबूती मिलेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक क्रांति
उत्तर प्रदेश आज देश के एक प्रमुख विनिर्माण (Manufacturing) हब के रूप में तेजी से उभर रहा है, जहाँ औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। मोबाइल उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश ने अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है और वर्तमान में भारत के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में निर्मित हो रहा है। इसके साथ ही बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के विस्तार हेतु विशेष बजट का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत यहाँ अब पांच रनवे बनाने का महात्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। निवेश के मामले में भी राज्य में बड़ी क्रांति देखी गई है, जहाँ चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद हस्ताक्षरित 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं सफलतापूर्वक धरातल पर उतर चुकी हैं, जो प्रदेश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था को दर्शाती हैं।
कृषि और ग्रामीण समृद्धि
विश्व बैंक की सहायता से संचालित ‘यूपी एग्रीज’ परियोजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में विशेष एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार कर वैश्विक बाजारों तक सीधी पहुँच प्रदान करना है। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र को संबल प्रदान करने के लिए गन्ना किसानों को अब तक का रिकॉर्ड भुगतान सुनिश्चित किया है और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसानों को फसल सुरक्षा का सीधा लाभ पहुँचाया है।
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