
यूनिक समय, नई दिल्ली। धर्मांतरण के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसकी करीबी नीतू को अदालत ने जेल भेज दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वॉड) ने कोर्ट को सूचित किया कि फिलहाल उन्हें छांगुर बाबा की रिमांड की आवश्यकता नहीं है। इसके चलते अदालत ने दोनों आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दिया।
छांगुर बाबा को बुधवार को मेडिकल जांच के लिए ले जाते वक्त मीडिया से बातचीत में अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा, “मैं निर्दोष हूं, मुझे कुछ नहीं पता।”
एटीएस की जांच में यह सामने आया है कि एक संगठित और परिष्कृत नेटवर्क काम कर रहा था, जो विशेष रूप से कमजोर तबकों, हिंदू महिलाओं और नाबालिगों को निशाना बनाकर उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। इस नेटवर्क पर आरोप है कि यह भावनात्मक दबाव, धोखे और आर्थिक लालच के ज़रिए धर्म परिवर्तन कराता था।
मामले में आर्थिक लेन-देन की भी अहम भूमिका सामने आई है। एटीएस और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की जांच में खुलासा हुआ है कि छांगुर बाबा और उसके साथियों से जुड़े करीब 40 बैंक खातों में 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई थी। इन फंड्स के स्रोत खाड़ी देशों और संभवतः पाकिस्तान से जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह पैसा धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ।
फिलहाल, एटीएस और ईडी दोनों एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
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