
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखीमपुर-खीरी जिले में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ऐतिहासिक घोषणा की। मुख्यमंत्री ने यहां के मुस्तफाबाद गांव का नाम बदलकर अब कबीरधाम करने का ऐलान किया है। यह फैसला मुख्यमंत्री द्वारा धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में उठाया गया एक और कदम माना जा रहा है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर-खीरी में आयोजित एक जनसभा में जनता को संबोधित करते हुए स्वयं इस नाम परिवर्तन की सूचना दी। उन्होंने कहा, “हमने कहा कि अब यह नाम बदलना चाहिए, मुस्तफाबाद नहीं, कबीरधाम इसका नाम रख दो।” मुख्यमंत्री की इस घोषणा को जोरदार समर्थन मिला।
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार ऐसे स्थानों के नाम बदल रही है, जिनके नाम ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व से मेल नहीं खाते हैं। यह निर्णय महान संत और कवि कबीर दास के प्रति सम्मान व्यक्त करता है, जो अपनी सादगी और धार्मिक सद्भाव के लिए जाने जाते हैं।
नाम बदलकर ‘कबीरधाम’ करना स्थानीय सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देगा और संत कबीर की शिक्षाओं को इस क्षेत्र से जोड़ेगा। यह फैसला उस व्यापक नीति का हिस्सा है जिसके तहत योगी सरकार ने पहले भी कई शहरों और स्थानों के नाम बदले हैं, जैसे इलाहाबाद को प्रयागराज और फैजाबाद को अयोध्या किया गया है।
लखीमपुर-खीरी के लोगों में, खासकर कबीर पंथ से जुड़े अनुयायियों में, इस फैसले को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। अब सरकारी रिकॉर्ड से लेकर स्थानीय पहचान तक, मुस्तफाबाद गांव ‘कबीरधाम’ के नाम से जाना जाएगा। यह बदलाव न केवल नाम में है, बल्कि सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री के इस ऐलान से राज्य में नाम बदलने की प्रक्रिया को और गति मिलने के संकेत मिले हैं।
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