
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आम जनता की समस्याओं का जिला स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर जनसुनवाई में हो रही लापरवाही और शिकायतों के निस्तारण में देरी पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। अब से मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हर जिले के DM, SSP और पुलिस कमिश्नर की जनसुनवाई की निगरानी करेगा।
सुबह 10 से 12 बजे तक ‘डिजिटल पहरा’
नए आदेश के अनुसार, तहसील और थाना दिवस जैसे पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को छोड़कर, सभी कार्य दिवसों में जिले के आला अधिकारियों को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर जनता की फरियाद सुननी होगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय से अधिकारियों के सीयूजी (CUG) नंबर पर एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक भेजा जाएगा। अधिकारी केवल अपने कार्यालय के कंप्यूटर से ही जुड़ सकेंगे। मोबाइल फोन या किसी अन्य स्थान से जुड़ने की अनुमति नहीं होगी। कैमरे का एंगल इस तरह होगा कि जनसुनवाई की पूरी प्रक्रिया और वहां मौजूद फरियादी साफ दिखाई दें। स्क्रीन पर अधिकारी का नाम और जिला प्रदर्शित होना अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय खुद करेगा फरियादियों से बात
प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक और कड़ा कदम उठाया है। लाइव मॉनिटरिंग के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी किसी भी शिकायतकर्ता से सीधे संवाद कर सकते हैं। वे पूछ सकते हैं कि उनकी समस्या सुनी गई या नहीं और समाधान की गुणवत्ता क्या है। यह फीडबैक सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रिपोर्ट के रूप में पेश किया जाएगा।
क्यों पड़ी इस सख्त आदेश की जरूरत?
हाल के दिनों में मुख्यमंत्री के ‘जनता दर्शन’ में ऐसी शिकायतों की बाढ़ आ गई थी जिनका समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो जाना चाहिए था। सीएम ने इसे प्रशासनिक शिथिलता माना है। जिला स्तर पर सुनवाई न होने से जनता को लखनऊ तक दौड़ लगानी पड़ती है, जिससे न केवल जनता को असुविधा होती है बल्कि सरकार की छवि भी धूमिल होती है। कई मामलों में अधिकारियों द्वारा शिकायतों के निस्तारण की गलत रिपोर्ट लगाने की बात सामने आई है। अब लाइव मॉनिटरिंग से ऐसी धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि अधिकारी समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनें और ‘टालने की नीति’ छोड़ें।
अपर मुख्य सचिव का फरमान
मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने सभी पुलिस आयुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर चेतावनी दी है कि जनसुनवाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी सुबह 9:45 बजे से वीसी के माध्यम से जुड़ने में विफल रहता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा।
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