
यूनिक समय, नई दिल्ली। लखनऊ में सोमवार सुबह से ही उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता (नेता प्रतिपक्ष) माता प्रसाद पांडे के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। यह कार्रवाई समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रतिनिधिमंडल को बरेली जाने से रोकने के लिए की गई है, जिसकी अगुवाई खुद माता प्रसाद पांडे करने वाले थे।
सपा और प्रशासन के दावे
पार्टी के नेताओं का कहना है कि प्रशासन उनकी आवाज दबाने और जनसमस्याओं को मंच पर उठाने से रोकने की कोशिश कर रहा है। वही पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
माता प्रसाद पांडे का बयान
उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडेय ने कहा, “मेरे नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वहां (बरेली) जा रहा है। मुझे पुलिस ने नोटिस दिया था। इंस्पेक्टर ने मुझे घर पर रहने और बाहर न निकलने को कहा था। अगर कलेक्टर ने लिखा होता, तो मैं मान लेता। फिर, बरेली डीएम का पत्र आया। उन्होंने भी कहा कि आपकी उपस्थिति से यहां का माहौल खराब होगा, इसलिए आप न आएं। अपनी कमियों को छिपाने के लिए वे हमें वहां नहीं जाने दे रहे हैं। अब हम अपने पार्टी के सदस्यों से बात करेंगे और उसके अनुसार निर्णय लेंगे।”
बरेली दौरे का कारण
सपा द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल बरेली इसलिए जा रहा था क्योंकि 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोग अपनी समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से जिलाधिकारी को ज्ञापन देने जा रहे थे। रास्ते में पुलिस और पीएसी ने उन पर लाठीचार्ज किया था, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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