
यूनिक समय, नई दिल्ली। रामपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पुलिस उप-निरीक्षक (दारोगा) पर नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के साथ शर्मनाक व्यवहार करने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद, पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने आरोपी दारोगा और एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मामला मिलक कोतवाली क्षेत्र के भैसोडी गाँव का है। एक महिला ने एसपी को शिकायती पत्र दिया, जिसमें बताया गया कि उनकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ था, जिसकी शिकायत उन्होंने 8 जुलाई को दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद, हल्का दारोगा उदयवीर सिंह ने उनकी बेटी का मोबाइल नंबर ले लिया।
शिकायत के अनुसार, दारोगा उदयवीर सिंह ने रात में नाबालिग पीड़िता को वीडियो कॉल किए और आपत्तिजनक बातें कीं। पीड़िता की माँ ने बताया कि दारोगा ने उनकी बेटी से अकेले में पूछताछ के दौरान उसका नंबर लिया और फिर देर रात उसे अश्लील मैसेज भेजने और वीडियो कॉल करने लगा। आरोप है कि दारोगा ने पीड़िता से संबंध बनाने की शर्त पर ही मुकदमा दर्ज करने की बात कही। एक मैसेज में दारोगा ने लिखा था, “बाबू आपसे एक बार मिलना चाहता हूं। मेरे रहते हुए कोई कुछ नहीं करता है।”
दारोगा की इन हरकतों से परेशान होकर, पीड़िता और उसकी माँ ने एसपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। जब यह मामला एसपी तक पहुँचा, तो आरोप है कि दारोगा भड़क गया और उसने हल्के में तैनात सिपाही सरफराज को पीड़िता के घर भेजा। सिपाही सरफराज पर आरोप है कि उसने पीड़िता का फोन लेकर व्हाट्सएप चैट और कॉल डिटेल हटा दीं, और माँ-बेटी को धमकी भी दी।
पुलिस विभाग ने इस मामले पर त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस द्वारा ट्विटर पर दी गई जानकारी के अनुसार, पीड़िता की शिकायत की प्रारंभिक जांच क्षेत्राधिकारी मिलक द्वारा की गई। जांच के बाद, पुलिस अधीक्षक रामपुर, विद्यासागर मिश्र ने उदयवीर सिंह और आरक्षी सरफराज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि उन्हें शिकायती पत्र मिला है और आरोपों की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि दारोगा उम्रदराज हैं। इस प्रकरण के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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