UP News: कानपुर SIT की जांच में एशियन यूनिवर्सिटी की 284 डिग्रियां फर्जी; काले साम्राज्य का हुआ पर्दाफाश

Kanpur SIT Probe Reveals 284 Asian University Degrees Are Fake

यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को हिला देने वाले ‘फर्जी डिग्री और मार्कशीट रैकेट’ में कानपुर पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच के दौरान तीन अलग-अलग विश्वविद्यालयों की कुल 287 डिग्रियां और मार्कशीट पूरी तरह फर्जी पाई गई हैं। इनमें सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा मणिपुर की एशियन यूनिवर्सिटी के नाम पर किया गया है, जिसकी 284 डिग्रियों का कोई सरकारी रिकॉर्ड या गजट अस्तित्व में ही नहीं मिला।

900 से अधिक फर्जी दस्तावेज और 9 राज्यों का जाल

यह पूरा मामला 18 फरवरी 2026 को तब सुर्खियों में आया जब किदवई नगर पुलिस ने जूही गौशाला स्थित ‘शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन’ के दफ्तर पर छापेमारी की। पुलिस भी तब दंग रह गई जब वहां से 9 राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों और यूपी बोर्ड की 900 से अधिक फर्जी मार्कशीट, डिग्रियां और माइग्रेशन सर्टिफिकेट बरामद हुए। इस रैकेट के तार सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और अरुणाचल प्रदेश की हिमालयन यूनिवर्सिटी से भी जुड़े मिले हैं, जहाँ की कई डिग्रियां वेरिफिकेशन में फेल हो गई हैं।

शिक्षक ही निकला ‘फर्जीवाड़ा’ का मास्टरमाइंड

SIT की जांच में सामने आया कि इस गिरोह का सरगना शैलेंद्र कुमार ओझा है, जो खुद एमएससी (गणित) पास एक शिक्षक है। वह पिछले 14 सालों (2012) से इस अवैध धंधे को चला रहा था। शैलेंद्र अपने साथियों—नागेश मणि त्रिपाठी, जोगेंद्र और अश्वनी कुमार सिंह के साथ मिलकर बिना परीक्षा दिए बीटेक, एमटेक, बीफार्मा और एलएलबी जैसी प्रोफेशनल डिग्रियां लाखों रुपये में बेच रहा था। पुलिस को शैलेंद्र के बैंक खातों में पिछले चार वर्षों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं।

CSJM यूनिवर्सिटी के रडार पर 371 दस्तावेज

एडीसीपी साउथ योगेश कुमार के नेतृत्व वाली SIT ने अब छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी (CSJMU) प्रशासन को 371 संदिग्ध मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट सौंपे हैं। यूनिवर्सिटी ने अगले 2-3 दिनों में इनका सत्यापन (Verification) पूरा करने का भरोसा दिया है। जांच एजेंसी अब उन लोगों की सूची तैयार कर रही है जिन्होंने इन फर्जी डिग्रियों के दम पर सरकारी या प्राइवेट नौकरियां हासिल की हैं।

SIT की टीमें वर्तमान में विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों में डेरा डाले हुए हैं ताकि फरार अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया जा सके। यह मामला न केवल एक आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश है, बल्कि देश की उच्च शिक्षा प्रणाली में लगी उस दीमक की ओर भी इशारा करता है जो योग्य छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: India News: केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को मिली जान से मारने की धमकी; अज्ञात ने MP5 गन से हमले का किया जिक्र

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*