
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आज अपने कार्यकाल के 9 सफल वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए बताया कि कैसे ‘डबल इंजन’ की सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन को धरातल पर उतारकर प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में आए क्रांतिकारी बदलावों पर जोर दिया और बताया कि यूपी अब समस्याओं के समाधान का प्रदेश बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने एक भावुक उदाहरण साझा करते हुए बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, जो कभी इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) के कारण होने वाली हजारों मौतों के लिए जाना जाता था, आज उस बीमारी से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। उन्होंने खुलासा किया कि सरकार ने एआई (AI) टूल्स की मदद से इन मौतों के आंकड़ों का विश्लेषण किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि गंदगी, खुले में शौच और अशुद्ध पेयजल ही इस बीमारी की असली जड़ थे।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों और जल जीवन मिशन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कर पिछले 5 वर्षों में इन मौतों के आंकड़े को शून्य (Zero) पर लाने में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हुई है।
जल जीवन मिशन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के 1.05 लाख से अधिक राजस्व गांवों में से 10 हजार से ज्यादा गांवों में अब पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पानी पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि पहले 85 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें ऐसी थीं जहां पेयजल की कोई योजना नहीं थी और लोग नदियों या तालाबों के प्रदूषित जल पर निर्भर थे।
सरकार ने न केवल पानी पहुंचाया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि ठेकेदार और एजेंसियां अगले 10 साल तक इसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार होंगी। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की उपस्थिति में केंद्र और राज्य के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए गए, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति को और सशक्त बनाएगा।
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