
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में जिलों और शहरों के नाम बदलने को लेकर एक बार फिर सियासत गर्म हो गई है। शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम ‘परशुरामपुरी’ करने के बाद, कई और जगहों के नाम बदलने की मांग तेज हो गई है। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शाहजहांपुर का नाम बदलने का आग्रह किया है, जिसे उन्होंने ‘गुलामी के दौर’ का नाम बताया।
गाजीपुर, आजमगढ़ और अलीगढ़ का नाम बदलने की मांग
उमा भारती के बाद, बलिया से भाजपा विधायक केतकी सिंह ने गाजीपुर का नाम बदलकर महर्षि गौतम के नाम पर करने की मांग की है। उन्होंने आजमगढ़ का नाम भी महर्षि दुर्वासा के नाम पर करने का आग्रह किया है। इसके अलावा, अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने की मांग भी फिर से जोर पकड़ रही है। इस संबंध में 2021 में एक प्रस्ताव भी पास किया गया था, जिसे दोबारा सीएम योगी को भेजा गया है। सुल्तानपुर का नाम कुशभवनपुर करने की मांग भी लंबे समय से चल रही है।
नाम बदलने पर सियासी बयानबाजी
प्रदेश में नाम बदलने की यह मांग सिर्फ राज्य स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यसभा में भी गूंजी है। राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने विदेशी आक्रांताओं के नाम वाली सड़कों और भवनों के नाम बदलने की मांग की। यूपी सरकार पहले ही फैजाबाद का नाम अयोध्या और इलाहाबाद का नाम प्रयागराज कर चुकी है। दूसरी ओर, संस्कृति और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने फिरोजाबाद का नाम चंद्रनगर करने का प्रस्ताव भेजा है, जिसे उन्होंने ‘सनातन को जिंदा रखने का काम’ बताया।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के पास नाम बदलने के अलावा कोई काम नहीं है और सरकार को इसके लिए एक आयोग बना लेना चाहिए।
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