
यूनिक समय, नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान को एक बड़े कानूनी मामले में राहत मिली है। भड़काऊ भाषण (हेट स्पीच) के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है। आजम खान मंगलवार को सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज इस केस के फैसले के लिए अदालत में पेश हुए थे।
क्या था 2019 का हेट स्पीच मामला?
यह पूरा मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा है। उस समय आजम खान सपा के प्रत्याशी थे। 23 अप्रैल 2019 को उन्होंने सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र में एक चुनावी सभा को संबोधित किया था। इस सभा में दिए गए भाषण को भड़काऊ मानते हुए, अगले ही दिन यानी 24 अप्रैल 2019 को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर एवं तत्कालीन एसडीएम सदर प्रेम प्रकाश तिवारी ने सिविल लाइंस कोतवाली में आजम खान के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
आजम खान का बयान
अदालत से राहत मिलने के बाद आजम खान का बयान सामने आया है। उन्होंने अपनी बेगुनाही दोहराते हुए कहा, “हमारा जीवन बेदाग है। ये हमारे जीवन का सच है। हम तमंचे बेचने वाले नहीं हैं। हमने गरीबों को घर दिए और जेलें काटीं।”
यह पहली बार नहीं है जब सपा नेता आजम खान को किसी विवादित मामले में कानूनी राहत मिली है। इससे पहले, वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को बदनाम करने के एक मामले में भी बरी हो चुके हैं। वह मामला भी 2019 में हजरतगंज कोतवाली में दर्ज हुआ था। आरोप था कि मंत्री रहते हुए उन्होंने सरकारी लेटरहेड और मुहर का दुरुपयोग कर आरएसएस को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने की कोशिश की थी। उस मामले में उन्हें लखनऊ की MP/MLA कोर्ट से राहत मिली थी।
बता दें कि आजम खान लंबे समय तक जेल में रहने के बाद हाल ही में बाहर निकले हैं, और जेल से निकलने के बाद उनकी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात काफी चर्चा में रही थी।
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