
यूनिक समय, नई दिल्ली। वाराणसी में टाइफाइड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। दूषित पानी और भोजन के कारण फैलने वाली इस बीमारी ने शहर के कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त से अब तक 250 से अधिक वाराणसी में टाइफाइड के पॉजिटिव केस सामने आए हैं, जो पिछले महीने की तुलना में 30% अधिक हैं।
प्रमुख कारण और प्रभावित क्षेत्र
विशेषज्ञों का कहना है कि जलभराव और सीवर लीकेज के कारण साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया दूषित पानी के माध्यम से फैल रहा है। भेलूपुर, लहरतारा, रामनगर और कैंट जैसे क्षेत्रों में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। बीमारी के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द, कमजोरी और कब्ज या दस्त शामिल हैं।
अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी
शुक्रवार को पीडीडीयू अस्पताल में 1400 मरीजों का इलाज हुआ, जिनमें से 20 टाइफाइड के मरीज थे। एक मरीज ने बताया कि बीमारी के कारण उसका ब्लड भी कम हो गया है। इसी तरह मंडलीय चिकित्सालय में 1220 मरीजों के पर्चे बनाए गए और 18 टाइफाइड के मरीज भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। इमरजेंसी में आए 33 मरीजों में से 19 डायरिया और 5 बुखार के मरीज थे।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय निवासियों ने नगर निगम पर गंदा पानी सप्लाई करने का आरोप लगाया है। रामनगर के एक निवासी विवेक ने बताया कि दूषित पानी पीने से उसका पूरा परिवार बीमार हो गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे उबला हुआ पानी पिएं, साफ-सफाई का ध्यान रखें और बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं।
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