
यूनिक समय, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के विकास, सुशासन और पारदर्शिता से जुड़े 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई। इस बैठक में ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुधारने से लेकर भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।
12,200 गांवों तक पहुंचेगी बस सेवा
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीणों, किसानों और छात्रों की सुविधा के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ की शुरुआत की है, जिसके तहत प्रदेश के 12,200 दूर-दराज के गांवों को सीधे जिला मुख्यालयों से जोड़ा जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों की संकरी सड़कों को ध्यान में रखते हुए इस योजना में 28 सीटर छोटी बसों का संचालन किया जाएगा, जो रात में गांवों में ही रुकेंगी और सुबह 10 बजे से पहले शहर के लिए रवाना होंगी। परिवहन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए इन बसों को परमिट और टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखा गया है, जबकि यात्रा किराए का निर्धारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी द्वारा किया जाएगा।
रजिस्ट्री में ‘नो वेरिफिकेशन, नो रजिस्ट्री’
उत्तर प्रदेश सरकार ने जमीनों की खरीद-फरोख्त में होने वाले फर्जीवाड़े और भू-माफियाओं के सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए ‘नो वेरिफिकेशन, नो रजिस्ट्री’ का सख्त नियम लागू किया है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत अब किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले उसके खतौनी और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन (Verification) अनिवार्य होगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि बेचने वाला ही जमीन का असली मालिक है। अब राजस्व रिकॉर्ड की गहन जांच के बिना रजिस्ट्री की प्रक्रिया संभव नहीं होगी, जिससे आम जनता की गाढ़ी कमाई सुरक्षित रहेगी और धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
सरकारी कर्मचारियों पर पैनी नजर
योगी कैबिनेट ने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करने के लिए सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं, जिसके तहत अब कर्मचारियों की वित्तीय गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाएगी। नए नियमों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी अपने दो महीने के मूल वेतन से अधिक मूल्य की किसी भी चल संपत्ति, जैसे कार, सोना या अन्य कीमती वस्तुओं का लेनदेन करता है, तो उसे इसकी अनिवार्य सूचना सक्षम प्राधिकारी को देनी होगी। इसके साथ ही, शेयर बाजार में निवेश को लेकर भी पारदर्शिता बढ़ाते हुए यह तय किया गया है कि यदि किसी कर्मचारी का निवेश उसके 6 महीने के मूल वेतन से अधिक होता है, तो उसे इसकी विधिवत घोषणा करनी होगी।
ओला-उबेर पर लगाम और घर खरीदारों को राहत
उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन क्षेत्र में ओला-उबेर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों पर लगाम कसने के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत अब इन कंपनियों को परिवहन विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
इस पंजीकरण के लिए आवेदन शुल्क ₹25,000 और कंपनियों के लिए कुल शुल्क ₹5 लाख निर्धारित किया गया है, जिससे उनकी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके साथ ही, घर खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने विकास प्राधिकरणों के लगभग 19 हजार डिफॉल्टरों के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (OTS) योजना शुरू की है। इस योजना के माध्यम से बकाया राशि पर लगने वाले भारी ब्याज और जुर्माने में छूट दी जाएगी, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अपने घर का सपना पूरा करना आसान हो जाएगा।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
योगी कैबिनेट द्वारा लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों में अयोध्या के वशिष्ठ कुण्ड में एक अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जो धार्मिक नगरी में खेल प्रतिभाओं को निखारने का काम करेगा।
शिक्षा क्षेत्र में बड़ी राहत देते हुए सरकार ने सहायता प्राप्त कॉलेजों और राज्य विश्वविद्यालयों के नियमित व स्ववित्तपोषित शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय लिया है।
प्रदेश के शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए बरेली, वाराणसी, अयोध्या और मऊ समेत 8 शहरों के विस्तारीकरण हेतु भारी बजट आवंटित किया गया है, जिससे इन शहरों में बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा। औद्योगिक मोर्चे पर मेरठ में एक्सप्रेसवे के समीप एक ‘लॉजिस्टिक्स क्लस्टर’ (IMLC) की स्थापना की जाएगी, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इसके अतिरिक्त, बुन्देलखण्ड में डेयरी विकास को गति देने के लिए बांदा में 20 हजार लीटर क्षमता का नया डेयरी प्लांट स्थापित किया जाएगा और झांसी के मौजूदा प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 30 हजार लीटर की जाएगी।
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