
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धान कुटाई से जुड़े किसानों और राइस मिलर्स के लिए एक महत्वपूर्ण राहत पैकेज की घोषणा की है। सरकार ने नॉन-हाइब्रिड धान की कुटाई पर 1% रिकवरी छूट देने का फैसला किया है। यह कदम तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि खरीद और मिलिंग प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के 13 से 15 लाख किसानों और 2,000 से अधिक राइस मिलर्स को सीधा लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत राज्य सरकार ₹167 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति करेगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे लगभग 2 लाख रोजगार के अवसर मजबूत होंगे, साथ ही राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।
नॉन-हाइब्रिड धान की यह छूट सरकारी खरीद प्रक्रिया को तेज करेगी और उत्तर प्रदेश को चावल के लिए आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए बाहर से चावल मंगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और राष्ट्रीय स्तर पर बचत होगी।
योगी सरकार इससे पहले हाइब्रिड धान की कुटाई पर 3% रिकवरी छूट देती रही है, जिसके तहत हर साल ₹100 करोड़ की प्रतिपूर्ति होती है। 1% अतिरिक्त छूट के कारण प्रतिपूर्ति राशि बढ़कर ₹167 करोड़ तक पहुंच जाएगी, जो सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सरकार का दावा है कि यह पैकेज किसानों, मिल मालिकों और कृषि अर्थव्यवस्था तीनों के लिए फायदेमंद होगा, जो “समृद्ध किसान, सशक्त प्रदेश” के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा।
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