UP Police Recruitment 2026: 32 हजार पदों की सौगात के साथ ही आयु सीमा पर छिड़ा संग्राम; युवाओं ने सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा

32 हजार पदों की सौगात के साथ छिड़ा संग्राम

यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में नए साल के पहले ही दिन पुलिस भर्ती की राह देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है जहाँ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कॉन्स्टेबल के 32 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सरकार की ओर से मिले इस ‘न्यू ईयर गिफ्ट’ से एक तरफ जहाँ खुशी की लहर है, वहीं दूसरी ओर आयु सीमा के कड़े नियमों ने हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

भर्ती का विज्ञापन जारी होते ही प्रदेश के उन युवाओं ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा डिजिटल कैंपेन शुरू कर दिया है जो पिछले कई सालों से भर्ती का इंतजार करते-करते अब आवेदन की निर्धारित उम्र सीमा को पार कर चुके हैं।

इन अभ्यर्थियों की मुख्य पीड़ा यह है कि पुलिस भर्ती में होने वाले लंबे अंतराल और प्रशासनिक देरी के कारण उनकी गलती न होते हुए भी वे अब ‘ओवरएज’ की श्रेणी में आ गए हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए अब छात्र और कई बड़े शिक्षक एकजुट होकर सरकार से मांग कर रहे हैं कि आयु सीमा में कम से कम तीन साल की अतिरिक्त राहत दी जाए।

वर्तमान नियमों के अनुसार सामान्य वर्ग के लिए उम्र सीमा 18 से 22 वर्ष तय की गई है जिसकी गणना 1 जुलाई 2025 से की जानी है। युवाओं का तर्क है कि इस संकीर्ण आयु दायरे के कारण लाखों प्रतिभाशाली छात्र अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण अवसर खो देंगे।

इस विवाद ने अब राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है जहाँ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने युवाओं की इस मांग का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार को घेरा और स्पष्ट कहा कि सरकारी सिस्टम की कमियों और अनियमित भर्तियों के कारण जो अभ्यर्थी ओवरएज हुए हैं, उन्हें आयु में छूट देना ही सरकार का असली नववर्ष उपहार होगा। यह पहली बार नहीं है जब यूपी में ऐसी मांग उठी हो क्योंकि पिछली भर्तियों में भी भारी विरोध के बाद सरकार को तीन साल की छूट देनी पड़ी थी।

वर्तमान में आरक्षित श्रेणियों जैसे एससी, एसटी और ओबीसी के लिए तो पांच साल की छूट का प्रावधान है लेकिन सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 22 साल की ऊपरी सीमा एक बड़ी बाधा बनी हुई है। अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भर्ती बोर्ड के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या युवाओं के इस व्यापक विरोध और भविष्य की चिंता को देखते हुए नियमों में बदलाव किया जाएगा।

प्रदेश भर के युवा अपनी इस मांग को लेकर लगातार हैशटैग चला रहे हैं ताकि इस 32 हजार पदों की बड़ी भर्ती में उन्हें भी अपनी प्रतिभा दिखाने का एक मौका मिल सके।

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